फॉर्मेलिन का पोछा लगने से बढ़ी मरीजों की दिक्कत, अस्पताल में मची अफरा तफरी, राजकीय मेडिकल कॉलेज का मामला, आईसीयू-चार से दूसरे वार्ड में मरीज किए शिफ्ट
सहारनपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में आईसीयू-4 वार्ड में फिनायल की जगह फॉर्मेलिन का पोछा लगने से भर्ती मरीजों की दिक्कत बढ़ गई। आनन-फानन में मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। रातभर मरीजों का दूसरे वार्ड में रखकर ही इलाज किया गया। वहीं, इस मामले में जांच के लिए कॉलेज प्रबंधन ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
दरअसल, राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना डेढ़ हजार से अधिक मरीज चिकित्सकों को दिखाने के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा इमरजेंसी में भी मरीज आते हैं। मरीजों की हालत देखकर डॉक्टर भर्ती करते हैं। शनिवार देर शाम तक मेडिकल कॉलेज में सबकुछ सामान्य था। लेकिन देर रात मेडिकल कॉलेज के आईसीयू-चार वार्ड में फिनायल की जगह फॉर्मेलिन का पोछा लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। फॉर्मेलिन की गंद इतनी भयंकर थी कि इससे भर्ती मरीजों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन होने लगी। यहीं नहीं वार्ड स्टाफ का भी दम घुटने लगा। स्टाफ ने बाहर निकलकर प्राचार्य और वरिष्ठ चिकित्सकों को जानकारी दी। इसके बाद सभी मरीजों को एक-एक कर बाहर निकाला और वार्ड को खाली कराया गया। मरीजों को कोई दिक्कत न हो, इसलिए बराबर वाले वार्ड में ही शिफ्ट किया। पूरी रात मरीजों को अलग वार्ड में ही रखा गया। उसके बाद वार्ड की सफाई कराई गई। सुबह तक वार्ड की स्थिति सामान्य हो पाई। करीब 10 बजे मरीजों को दोबारा उसी वार्ड में भर्ती किया।
आईसीयू-चार वार्ड में आठ से दस मरीज भर्ती थे। अधिकांश मरीज सांस की बीमारी से पीड़ित थे। फॉर्मेलिन से सबसे ज्यादा इन्हीं मरीजों को परेशानी हुई। तीमारदारों ने अपने-अपने मरीजों को जैसे-तैसे कर बाहर निकाला।
पता लगाएंगे किसकी की रही लापरवाही, टीम बनाई
राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर राठी ने बताया कि फिनायल की जगह फॉर्मेलिन किसने मिलाया, किसकी लापरवाही रही। इसकी जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बना दी गई है। इसमें चिकित्सा अधिकारी, मेट्रन और चिकित्सा शिक्षक को शामिल किया है। टीम को 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट देनी है। इसके बाद ही रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
