हनी ट्रैप का गिरोह चलाने वाले सात लोग गिरफ्तार
मेरठ की परतापुर थाना पुलिस ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर अवैध वसूली करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है । पुलिस ने दो महिलाओं सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है । पकड़े गए इन जालसाजों के कब्जे से 3 मोटरसाइकिल , एक गाड़ी और 7 मोबाइल के साथ साथ फर्जी आधार कार्ड बरामद हुए हैं । पकड़े गए इने जालसाजों पर आधादर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं।
दरअसल, मेरठ के काशी गांव निवासी आकिल से दिल्ली निवासी शालू उर्फ सिमरन ने पहले दोस्ती की उसके बाद शारीरिक संबंध बना लिए । शारीरिक संबंध हो जाने के बाद सिमरन ने अपने बाकी साथियों को इसकी जानकारी दी तो गैंग की दूसरी महिला सदस्य सुमैया सिमरन उर्फ शालू की भाभी बनकर आकिल से मिली और मामला रफा दफा करने के नाम पर 10 लाख रुपए मांगने लगी । पैसे न मिलता देख दोनों युवतियों ने परिजनों को यह बात बताने की धमकी आकिल को दी । उसके बाद गैंग के बाद की सदस्यों आसिफ, अनिकेत, दीपक, फहीम और फिरोज को भी मौके पर बुला लिया लेकिन आकिल ने सिमरन उर्फ शालू को कोई भी पैसा नहीं दिया जिसके बाद परेशान होकर इस गैंग ने पुलिस में शिकायत कर दी। इसी दौरान आकिल ने भी पुलिस में शिकायत कर दी कि कुछ लोग मुझसे 10 लाख रुपए की अवैध वसूली करना चाह रहे हैं । इस मामले की जांच पड़ताल शुरू हुई तो मामला दूध की तरह साफ होता चला गया जिसमें पता चला सिमरन उर्फ शालू अपने 6 दोस्तों के साथ मिलकर देह व्यापार का धंधा करती है वह होटल से लेकर निजी कमरों तक लड़कियां सप्लाई करते है उसके बाद भोले भाले लड़कों को फंसा कर उनसे संबंध बनाती है और फिर अवैध वसूली का खेल शुरू होता है । पुलिस ने अवैध वसूली करने वाले इस गैंग के 7 लोगों को गिरफ्तार किया है जिनमे दो महिलाएं भी शामिल हैं।
रेप का झूठा आरोप लगाकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले इस गैंग के बारे में एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह का कहना है कि कुछ दिन पहले थाने पर शिकायत मिली थी कि कुछ लोग रेप का आरोप लगाकर अवैध वसूली करना चाह रहे हैं जिसके बाद मेरे द्वारा टीम बनाकर इस मामले की निष्पक्ष रूप से जांच की गई तो जानकारी में आया कि यह लोग दिल्ली, गाजियाबाद,उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में इस तरीके का गैंग चलते हैं । फिलहाल इन सभी लोगों को गिरफ्तार किया गया है पूरे मामले की जांच की जा रही है ।