समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जीएसटी प्रणाली में विसंगति को लेकर व्यापारियों से अपील-
प्रिय व्यापारियों-कारोबारियों बंधुगण
भाजपा ने जीएसटी कर प्रणाली को इस तरह लागू किया है कि ये व्यापारी-कारोबारियों से टैक्स संग्रहण की जगह, भाजपाइयों के लिए पैसा उगाही और वसूली का ज़रिया बन गयी है।
इस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने भाजपा सरकार के तौर-तरीकों पर निंदात्मक टिप्पणी करते हुए, जीएसटी एक्ट के दुरुपयोग और उसे धमकी की तरह इस्तेमाल करने पर स्वयं न्यायालय द्वारा कठोर क़दम उठाने की चेतावनी दी है।
भाजपा के राज में व्यापारियों-कारोबारियों को टैक्स में चोरी करनेवालों की तरह आरोपित करना बेहद आपत्तिजनक बात है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। मंदी और ऑनलाइन के ज़माने में आजकल वैसे ही काम-कारोबार करना और दुकान चलाना आसान नहीं है, उस पर से जीएसटी का दबाव बाज़ार की कमर तोड़ दे रहा है। महंगाई की मारी, मंद गति से चलने वाली अर्थव्यवस्था के दौर में जीएसटी की भ्रष्ट कार्यप्रणाली, अवांछित हस्तक्षेप व जटिलताएं केवल आर्थिक हीं नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी कारोबारियों को उत्पीड़ित कर रही हैं।
साथ ही भाजपा के राज में उनके संगी-साथी व आनुषंगिक संगठन भी बात-बात पर चंदे की रसीद लेकर व्यापारियों, कारोबारियों, कारख़ानेवालों और दुकानदारों से वसूली करते रहते हैं। जो लोग दवा-टीके तक में कमीशन खा रहे हैं वो भला व्यापार-कारोबार को क्या छोड़ेंगे।
अब भाजपा से त्रस्त व्यापारी, कारोबारी, कारख़ानेवाले, दुकानदार और फेरीवाले तक भाजपा सरकार के खि़लाफ़ वोट डाल रहे हैं। लोकसभा चुनाव के पिछले दो चरणों में ये सब लोग व्यापार-कारोबार आसानी से करने के लिए इंडिया गठबंधन के सबसे मज़बूत समर्थक बनकर उभरे हैं और आगामी सभी चरणों में भाजपा को हराने के लिए, भाजपा के खि़लाफ़़ वोट डालने और इंडिया गठबंधन को जिताने के लिए कमर कसकर तैयार बैठे हैं क्योंकि ये उनके व्यापार ही नहीं, उनके परिवार के भविष्य का भी सवाल है।
हम अपने सभी व्यापारियों, कारोबारियों कारख़ाने वालों, दुकानदारों और फेरीवाले भाइयों-बहनों को ये आश्वासन देते हैं कि इंडिया गठबंधन की सरकार आने पर जीएसटी की ये उत्पीड़नकारी व्यवस्था इस तरह सुधारी जाएगी जिससे काम-कारोबार बिना किसी धमकी, डर, भय और वसूली के आराम से, आसानी से किया जा सकेगा।
भाजपा याद रखे कि ये लोग सामान-सेवा का कारोबार करके और टैक्स देकर देश चलाते हैं; जबकि भाजपा देश बेचकर या जानलेवा दवा-टीके तक में चुनावी-चंदे के रूप में कमीशन खाकर देशवासियों की ज़िंदगी का सौदा करती है। फ़र्क़ साफ़ है।
श्री अखिलेश यादव का आव्हान-
भाजपा हटाओ, व्यापार बचाओ-
व्यापारी बंधुओं के लगातार मिल रहे, उत्साहजनक समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद दिया। आशा है चुनाव के आगामी चरणों में ये समर्थन और भी ज़्यादा बढ़ेगा और बनने जा रही ‘बिज़नेस फ्रैंडली’ इंडिया गठबंधन सरकार का मज़बूत आधार बनेगा।
