हरदोई में सांसद के साथ धरने पर बैठे भाजपा नेता,सिटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ धरना
पूर्व जिला अध्यक्ष विद्याराम वर्मा की पत्नी की मौत के बाद भाजपा नेताओं में आक्रोश
सड़क पर बैठकर जताया विरोध सिटी मजिस्ट्रेट पर एफआईआर की मांग
सिटी मजिस्ट्रेट को तत्काल हटाने और एफआईआर की मांग को लेकर लखनऊ मार्ग पर आवास के बाहर भारी तादात में बीजेपी नेता सड़क जाम कर जताते रहे विरोध
पूरे प्रकरण पर जांच कर कार्यवाई किये जाने का एडीएम ने दिलाया भरोसा
हरदोई में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा की पत्नी की मौत के बाद भाजपा नेताओ में सिटी मजिस्ट्रेट के कृत्य को लेकर आक्रोश व्याप्त हो गया और सांसद के साथ भाजपा नेता धरने पर बैठ गए।भाजपा नेताओ ने सिटी मजिस्ट्रेट पर एफआईआर की मांग की।मौके पर एडीएम समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच कर कार्यवाई का भरोसा दिलाया जिसके बाद पूर्व जिलाध्यक्ष की पत्नी को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया।
दरअसल आचार संहिता लगने के बाद बोर्ड हटाने के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ने पूर्व भाजपा ज़िलाध्यक्ष विद्याराम वर्मा के नाम का बोर्ड हटवा दिया था।विद्याराम वर्मा के द्वारा विरोध करने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तक की धमकी दे डाली थी जिसका वीडियो वायरल हुआ था।जिसके बाद विद्याराम वर्मा की पत्नी का निधन हो गया तो उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी लता वर्मा अपने पति की इस तरह हुई बेइज्जती को बर्दाश्त नहीं कर सकी और इस सदमे में उनकी मौत हो गई।वर्मा की अपनी सरकार में इस तरह हुई बेइज़्ज़ती को मीडिया ने सुर्खियों में उछाला,उसके बाद प्रशासन ने बोर्ड उनके आवास पर पहुंचा दिया लेकिन कोई भी अधिकारी वहां पर ना तो शोक व्यक्त करने गया और ना ही किसी ने घटना के बारे में कोई वार्ता भाजपाई हो या पूर्व अध्यक्ष की।
इसी बात से नाराज होकर सोमवार को सांसद जयप्रकाश रावत नगर पालिका अध्यक्ष सुखसागर मिश्र पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा राम बहादुर सिंह पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा रामकिशोर गुप्ता गौ रक्षा प्रकोष्ठ के सुनील शुक्ला पूर्व सांसद अंशुल वर्मा सहित दर्जनों भाजपाई हरदोई लखनऊ मार्ग पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने जाम लगा दिया भाजपाइयों का कहना था कि ऐसे अधिकारी को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।भाजपाइयों ने प्रशासन की तानाशाही के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया उसके बाद एडीएम प्रियंका सिंह और एएसपी पश्चिमी एमपी सिंह वहां पहुंचे, उन्होने शाम पांच बजे तक कार्यवाई का भरोसा दिया,उसके बाद धरना खत्म हुआ।दरअसल भाजपा के ज़िलाध्यक्ष और सहकारी बैंक के अध्यक्ष रह चुके विद्याराम वर्मा लोकतंत्र सेनानी भी है।