स्वामी प्रसाद का इस्तीफा ड्रामा, एमएलसी पद से इस्तीफा क्यों नहीं, अखिलेश ,स्वामी दोनों एक - ओपी राजभर
2024 लोकसभा चुनाव के लिए कब चुनाव आयोग घोषणा कर दे,शायद इसका इंतजार जरूर है। लेकिन सियासत पारा लगातार चढ़ते नजर आ रहा है। यूपी के राजनीतिक पार्टियों में इन दिनों सुभासपा के ओम प्रकाश राजभर भी कम चर्चा में नहीं हैं।
कल 13 फरवरी यानी मंगलवार को बलिया में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने स्वामी प्रसाद मौर्य और सपा सुप्रीमों अखिलेश यादव पर जमकर जुबानी हमला किया।ओमप्रकाश राजभर ने स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा सपा संगठन से इस्तीफा देने तरह MLC बने रहने को लेकर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ये तो एक ड्रामा है। असली तो एमएलसी पद से स्तीफा दें ,तब तो यह माना जायेगा। क्योंकि जब अखिलेश जी ने आज अपने आवास पर पूजन शुरू किया है तो दोनों लोग अखिलेश जी, स्वामी जी दोनों मिले हुए है।
सुभासपा सुप्रीमों ने अखिलेश यादव पर आरोप लगाते हुए कहा कि इतने दिन से वो अखिलेश यादव के इशारे पर ही बोल रहे थे।अखिलेश जी ने कोई एक्शन ही नही लिया, आज जब ये पूजन करने लगे तब उन्होंने उधर से कहा कि एक ड्रामा शुरू करो। ताकि यह होगा कि वो किस विचारधारा से आहत होकर उन्होंने इस्तीफा दिया है ।
ड्रामा किस बात का के सवाल पर ओमप्रकाश राजभर ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि एमएलसी से स्तीफा क्यों नही दिया ? सपा से विधान परिषद सदस्य बने रहेंगे और सपा संगठन से स्तीफा दिए इसका कोई मतलब है ? संगठन तो आज है कल बना दिये जायेंगे ? आज हटा दिए गए ,कल बना दिये जायेंगे ? आज हटाये गए कल स्तीफा दिए ? नही मंजूर होगा ? अगर एमएलसी का स्तीफा देंगें तो मंजूर हो जाएगा न ।
वही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा शिव मंदिर के उद्दघाटन के सवाल पर राजभर ने कहा कि अखिलेश अपरिपक्व नेता है। सबके गुरु शंकर भगवान हैं। चाहे राम कहो, चाहें कृष्ण कहो चाहे शंकर भगवान कहो वो सब एक है। अखिलेश जी यह ड्रामा सिर्फ मुसलमानों का वोट लेनें के लिए कर रहे है ?
यही नही शिव मंदिर से मुसलमानों के सवाल पर सुभासपा अध्यक्ष ने यहां तक कह दिया कि क्यों नही है संबंध। महात्मा गांधी ने कहा था कि अल्ला ईश्वर तेरो नाम सबकी सन्नमती दे भगवान। ईश्वर तो एक है।
