फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए सोशल मीडिया से साधता था संपर्क, पुलिस ने 40 फर्जी कार्डों सहित आरोपी युवक को किया गिरफ्तार।
उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले की पुलिस ने एक ऐसे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो रूपये लेकर फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करता था. इस पूरे प्रकरण में जिले के एक नामचीन अस्पताल के डॉक्टर की संदिग्ध भूमिका भी सामने आ रही हैं. हालांकि पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच-पड़ताल कर रही है. फिलहाल, आरोपी युवक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और उसके पास से 40 फर्जी आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप, प्रिंटर आदि सामान बरामद किया है।
हापुड़ पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि मोहित बंसल नाम के एक युवक द्वारा उनसे कार्यालय में आकर शिकायत की गई कि उसके साथ आयुष्मान कार्ड बनाने के नाम पर फ्रॉड हुआ है. एसपी ने कहा कि युवक द्वारा बताया गया कि शहर के नामचीन अस्पताल जीएस मेडिकल कॉलेज में वह अपनी माता के इलाज के लिए गया था. जहां उसकी मां का रसौली का ऑपरेशन होना था. यहां अस्पताल के एक डॉक्टर द्वारा उससे इलाज के लिए कोई कार्ड या इंश्योरेंस पॉलिसी होने की जानकारी ली गई. जब युवक मोहित द्वारा मना किया गया, तो उक्त डॉक्टर ने उसकी मां का इलाज आयुष्मान कार्ड बनवाकर कराए जाने की बात कही. मोहित बंसल ने आरोप लगाया कि उक्त मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर द्वारा उससे आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए 7 हजार रूपये ऑनलाइन और 25 हजार रूपये नकद लिये गये. अस्पताल में उसकी माता का इलाज भी हुआ. लेकिन जब उसने रिफंड के लिए लखनऊ उसने आवेदन किया, तब उसे जानकारी हुई कि डॉक्टर द्वारा बनवाया गया आयुष्मान कार्ड फर्जी है. हापुड़ एसपी से शिकायत के बाद पीड़ित युवक मोहित ने फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाए जाने की एफआईआर पिलखुवा थाने में दर्ज कराई. जांच में जुटी पुलिस ने इस मामले में एक युवक संतोष निषाद निवासी बस्ती को गिरफ्तार किया।
एसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि पूछताछ में आरोपी युवक संतोष ने बताया कि वह पहले आयुष्मान कार्ड बनाने का काम करता था और उसी के नंबर से आयुष्मान कार्ड के लिए लॉगिन आईडी बनी हुई थी. जिसके तहत वह एक ही नाम से अलग-अलग लोगों के आयुष्मान कार्ड फर्जी तरीके से तैयार करता था. आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए वह अपना एडवरटाइजमेंट सोशल मीडिया के माध्यम से करता था. जिससे लोग उससे संपर्क करते थे. एसपी ने बताया कि पुलिस ने आरोपी युवक के पास से 40 फर्जी आयुष्मान कार्ड, एक लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य सामान बरामद किया है।
एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया कि इस संबंध में जब जीएस मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर जुनैद अनवर से आयुष्मान कार्ड बनवाए जाने के बारे में पूछताछ की गई, तो उनके द्वारा बताया गया कि उन्होंने उक्त युवक से फेसबुक पर उसका एडवरटाइजेंट देखकर संपर्क किया था. एसपी ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनवाने में यदि डॉक्टर की भूमिका संदिग्ध पाई जाएगी, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल पुलिस जांच-पड़ताल में जुटी हुई. आरोपी युवक संतोष निषाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।