साध्वी ऋतंभरा पहुंची अयोध्या, रामलला का कल रात में भी किया दर्शन, आज सुबह भी रामलला के दरबार में लगायी हाजिरी
अयोध्या पहुंची साध्वी ऋतंभरा का बयान,प्रभु का दर्शन करके मन है उत्साहित, दर्शन का होता है एक अपना फल, प्रभु के दर्शन से मन और चित्त भर जाता है आनंद से,राम मंदिर मेरे जीवन का है परम ध्येय,हमारे बहुत सारे साथी इस दृश्य को देखे हुए बिना चले गए,हम जब भगवान का करते हैं दर्शन तो हम उनका स्मरण करके उनकी तरफ से भी भगवान के चरणों में करते हैं प्रणाम, हमारे जो संकल्प थे परमात्मा की कृपा से हुए पूर्ण,महाकुंभ पर विपक्ष पर की गई टिप्पणी को लेकर बोली साध्वी ऋतंभरा, योगी जी ने दिया इसका जवाब, जो जैसा है उसको वैसा दिखा,महाकुंभ भक्तों को भगवान दिखे और हम सब ने देखा कि 45 दिन में पूरा भारत हुआ एक, जातियों की दीवारें हुई महाकुंभ में धराशायी, देश की पूरी युवा शक्ति माथे पर भस्म और टीका लगाए हर-हर बम बम जय गंगा मैया जय संगम की जय, प्रयागराज की जय में किसी का ध्यान 14 फरवरी वैलेंटाइन डे पर नहीं गया, कार्ड रह गए होंगे धरे, चॉकलेट डे गुलाब डे, पेड़ों के पीछे छुपने वाले युगल का सारा चित्त का विकार गया बह ,महाकुंभ ने सबको कर दिया राम मय कृष्ण मय धर्म मय, हमको दिखाई दिया कि अगर पूरा भारत एकजुट होता है तो वह धर्म की शरण में है, पूरा भारत है धन्य लेकिन उत्तर प्रदेश जहां रामकृष्ण विंध्यवासिनी है यहां है क्या नहीं ,उत्तर प्रदेश की जनता ने पूरे भारत से आने वालों की जिस तरह से की है सेवा वह है वंदनीय,कश्मीर मथुरा पर कहा की रणनीति नहीं चलती धर्म के काम में,परमात्मा की चलती है मर्जी,नंदी बाबा जिधर बैठे हैं हमारे भोले बाबा है उधर, वह एक दिन दीवारों को ध्वस्त करके उन्हें होना है मुक्त, ऐसे ही होकर रहेगी मुक्त, कृष्ण जन्मभूमि भी हम सब का है संकल्प ,अयोध्या मथुरा विश्वनाथ तीनों लेंगे एक साथ, एक चरण हुआ है पूरा अब दूसरा चरण उठेगा और फिर तीसरा हमारी लड़ाई चल रही है कानून के माध्यम से,हमारा है अधिकार अयोध्या में जो तथ्य सत्य था वह है भूमिगत, काशी विश्वनाथ में पत्थर अपनी कहानी स्वयं कह रहे हैं प्रत्यक्ष को नहीं है प्रमाण की आवश्यकता, सनातन धर्म बोर्ड के गठन को लेकर बोली साध्वी ऋतंभरा वक्फ बोर्ड ने जिस तरह से भूमि को हथियाना का रचा है षड्यंत्र हमने वृंदावन में बनाया वात्सल्य ग्राम उसमें भी वक्फ बोर्ड ने किया है दावा, षड्यंत्र नही होगा सफल, भारत में लोगों ने बहुत षड्यंत्र रचे अभिमंत्रित, मत्रों के सामने हो जाते हैं षड्यंत्र नष्ट, तुम रचो षड्यंत्र हम रचते हैं मंत्र, स्टालिन के हिंदी भाषा पर दिए के विवादित बयान का किया खंडन, कहा नहीं है ऐसा कुछ, हमारे यहां मातृभाषा तेलुगू तमिल कन्नड़ अवधी ब्रज में ब्रजभाषा पंजाब में गुरमुखी है हरियाणा में हरियाणवी है, हिंदू हिंदी हिंदुस्तान रहने वाला है सिरमौर, सभी भाषाओं की मां है संस्कृत, उसी में सारी भाषा है निहित, नेताओं के कलुषित मानसिकता से भारत रहेगा मुक्त,भारत गया है अब जाग, भाषा अब नहीं बांट सकती हमको, ना राजनीतिक पार्टियों हमें बंट पाएंगे ना जातियां हम एक हैं रहेंगे एक-- साध्वी ऋतंभरा
