संभल हिंसा वाले इलाके में घर के बाहर लगाया पोस्टर, ओवैसी बोले- डर के मारे लोग पलायन कर रहे, पुलिस ने दी सफाई
संभल में एक घर के बाहर पोस्टर चस्पा हुआ है। "कैंसर का इलाज कराने दिल्ली गए हैं" दरवाजे पर डॉक्टर की जांच रिपोर्ट लगाई गई है, बंद मकान को देखकर कोई यह न समझे कि घर छोड़कर चले गए हैं। आपको बता दें कि इसी मकान क्षेत्र के अंतर्गत 24 नवंबर को मस्जिद सर्वे के दौरान हिंसा भड़की थी, दंगाइयों की तलाश के लिए पुलिस लगातार घरों पर दबिश दे रही है। उक्त पूरा घटनाक्रम जनपद संभल की सदर कोतवाली संभल क्षेत्र के मौहल्ला कोट गर्वी का है और 55 साल के बुजुर्ग अयाज खान का मकान है। इनका इलाज चल रहा है और दरवाजे पर इन्होंने एक पोस्टर चस्पा किया है। "कैंसर के इलाज के लिए दिल्ली गए हुए हैं" आपको बता दें कि संभल पुलिस हिंसा में शामिल दंगाइयों की तलाश में लगातार पूछताछ के लिए घर-घर पहुंच रही है और दंगाइयों की पहचान उजागर होने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दे रही है।
आपको बता दे कि बीते साल की 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद में कोर्ट के आदेश पर एडवोकेट कमिश्नर सर्वे हुआ था और मौहल्ला कोट गर्वी में हिंसा भड़की थी, हजारों की संख्या में आए दंगाइयों ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग की, साथ ही वाहनों में आगजनी कर दी। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों लोग बुजुर्ग हैं और यह मकान अयाज खान का है जिनकी उम्र 55 साल है इनका कैंसर का इलाज चल रहा है। फिलहाल यह लोग दिल्ली इलाज करने के लिए गए हैं घर में उनके पति-पत्नी ही हैं। बीच-बीच में घर आ जाते हैं दो-ढाई महीने पहले इलाज करने के लिए गए थे जब भी इन्हें अस्पताल से तारीख मिलती है तब चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि वैसे कोई परेशानी नहीं है पुलिस लगातार पूछताछ के लिए आ रही है बंद मकान को देखकर कुछ और ना समझे इसलिए उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट का फोटो दरवाजे पर लगा दिया है।
संभल में हिंसा के बाद जो लोग घर छोड़कर गए हैं वह लोग हिंसा में शामिल हैं। संभल के हालात सामान्य हैं। स्कूल कॉलेज सभी रोजगार काम हो रहे हैं। अब तक 79 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 74 लोगों के पोस्टर जारी कर तलाश की जा रही है। एआइएमआइएम के असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल साइट x पर संभल में मुसलमान के पलायन की बात कही थी।