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गौ बध को लेकर शंकराचार्य ने केंद्र पर साधा निशाना


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे वृंदावन, गौ पूजन और गौ ध्वज की स्थापना की,केंद्र सरकार पर साधा निशाना 

 ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती वृंदावन पहुंचे। यहां शंकराचार्य ने बांके बिहारी जी के दर्शन कर पूजन अर्चन किया। इस गौ प्रतिष्ठा आंदोलन के तहत गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा लेकर पहुंचे शंकराचार्य ने गाय का पूजन किया और गौ ध्वज की स्थापना की। इस दौरान उन्होंने देश भर में गौ वध प्रतिबंध करने के लिए कानून बनाने की मांग करते हुए केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। 


बांके बिहारी जी के किए दर्शन 


अयोध्या से गौ ध्वज स्थापना भारत यात्रा पर निकले ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती रविवार को वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर पहुंचे। यहां शंकराचार्य जी ने भगवान बांके बिहारी जी के दर्शन किए और फिर उनका पूजन अर्चन कर आरती की। मंदिर के पुजारी करण कृष्ण गोस्वामी ने उनको पूजा अर्चना कराई। 


स्नेह बिहारी मंदिर में किया गौ पूजन 


बांके बिहारी जी मंदिर में दर्शन करने के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मंदिर के ही पुजारी करण कृष्ण गोस्वामी द्वारा पूजित स्नेह बिहारी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने गौ पूजन किया और गौ ध्वज स्थापना की। इसके बाद उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी किया। 


36 प्रदेशों में निकाली जानी थी यात्रा 


ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि यह देश गौ भक्तों का देश है। परम्परा से यहां पर गायों को प्रतिष्ठा दी जाती रही है। वेदों शास्त्रों में भी इसका वर्णन है। ऐसे प्रमाण मिलते है कि भारत के लोग अपने प्राणों से भी ज्यादा गाय को सम्मान देते थे। ऐसी गायों की संख्या देश में निरंतर घटती चली जा रही है। 2019 में अंतिम गिनती जो गौ वंश की हुई है उसमें 17 करोड़ संख्या बताई गई है। 17 करोड़ में से भी जिस गाय का पंचगव्य बनता है जो 33 कोटि देवताओं की प्रिय है वह तो केवल 1 करोड़ से 2 करोड़ के बीच बची है। उनके प्रति हर दिन अत्याचार हो रहा है,उनका मांस बेचने और खाने के लिए हत्या की जा रही है। भारत की सरकार अनुमति देकर इस कार्य को बढ़ावा दे रही है। 


आरंभ अयोध्या से हुआ अंत वृंदावन में हुआ है 


इस यात्रा का आरम्भ अयोध्या में भगवान श्री राम के मंदिर की परिक्रमा करके हुई। इसके बाद 36 प्रदेशों में जाकर वहां गौ प्रतिष्ठा ध्वज की स्थापना करके वृंदावन आए हैं। यहां बांके बिहारी जी का 56 भोग लगाया,श्रृंगार कराया,पूजा आराधना की,परिक्रमा की। इसके बाद स्नेह बिहारी जी के चरणों में आकर इस यात्रा को समर्पित किया। यह यात्रा यहां पूरी हुई। आगे का लक्ष्य तय कर यहां से प्रस्थान करेंगे। इस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा गौ वध पर लगाए गए प्रतिबंध पर कहा कि प्रदेश की सरकार कोई कानून लेकर आई है वह गौ हत्या निरोध कानून नहीं बन पा रहा है वह स्थल निरोध कानून बन जाता है। यह चालाकी है नेताओं की वह ठीक नहीं है गौ के सन्दर्भ में। जब देश एक है तो फिर एक कानून क्यों नहीं। गाय के संदर्भ में एक कानून होना चाहिए जो पूरे देश में लागू हो।

बंटेंगे तो कटेंगे बयान पर सरकार से पूछा फार्मूला 

मीडिया से मुखातिब हुए शंकराचार्य महाराज ने कहा कि देश में एकता होनी चाहिए। अब देश में एकता बनाने के लिए आपके पास फॉर्मूला क्या है। उन्होंने कहा कि आप कहते है बंटेंगे तो कटेंगे,बंटेंगे जो क्रिया प्रयोग की जा रही है यह भविष्य की क्रिया है। इसका मतलब है अभी बंटे नहीं है अभी एक हैं। जब एक हैं तो कौन सा कारण है कि बंट जाएंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि ब्रज के संतों में गाय के बारे में प्रस्ताव पारित किया है और देश को बताया है। 

प्रधानमंत्री से कहा वह देश वासियों के मन की बात कब सुनेंगे 

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी ने कहा प्रधानमंत्री हैं देश के उनके मन की बात हम सुनते हैं लेकिन वह देश वासियों के मन की बात कब सुनेंगे। उनके दो रूप सामने आए हैं। पहले चेहरे में उनके घर में गाय गई है उसका पूजन किया, शॉल ओढ़ाई है। लेकिन दूसरा चेहरा यह है जब डाटा निकालकर देखते हैं इंटरनेट पर तब पता चलता है भारत पूरे विश्व में गाय का मांस का निर्यात करने में दूसरे नंबर पर आ गया है। एक तरफ गौ मांस को निर्यात करने का बढ़ावा उनके कार्यकाल में मिल रहा है एक तरफ गाय की पूजा आरती हो रही है।


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