विजयादशमी के पर्व पर शिक्षिकाओं ने संक्षिप्त रामलीला का किया जीवंत मंचन
लिटिल फ्लावर्स स्कूल बस्ती के प्रांगण में शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व पर विद्यालय की शिक्षिकाओं के द्वारा संक्षिप्त रामलीला का मंचन तथा यू.के.जी. के छात्राओं द्वारा नवदुर्गा की झांकी की मनमोहक प्रस्तुतीकरण की गई । जिसमें महिषासुर मर्दन का दृश्य आकर्षण का केंद्र बिन्दु रहा ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ विद्यालय के प्रबंधक श्री सुरेन्द्र प्रताप सिंह जी ने दीप प्रज्ज्वलन एवं नवदुर्गा की आरती तथा पूजा अर्चना करके किया । समस्त कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती अपर्णा सिह जी ने भी अपनी सहभागिता दर्ज किया ।
कार्यक्रम के अंतर्गत रामलीला मंचन के दौरान विद्यालय की शिक्षिकाओं में मुस्कान ने राम का, शिवांशी ने लक्ष्मण का, काजल ने सीता का, शशि ने रावण का तथा अंजनि के शूर्पणखा का अभिनय किया । जिसमें विद्यालय की छात्रा-हात्राओं सहित सभी लोगों ने आनंद लिया । रामलीला का प्रारम्भ राम के राज्याभिषेक से लेकर रावणवध तक की लीला प्रस्तुत की गई । अंत में अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में रावण के पुतले का दहन किया गया । कार्यक्रम के दौरान यू.के.जी.की छात्राओं में अन्वी, आकृति, आदया, संचिता, पियंका, इरम, अरुषी, अंजलि और जानवी ने ‘अयिगिरी नंदिनी महिषासुर मर्दिनी स्त्रोत्र' के माध्यम से महिषासुर मर्दन के दृश्य को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया । इस दौरान विद्यालय को शिक्षिकाओं ने गरबा डांस के माध्यम से लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया ।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रबंधक महोदय ने नवदुर्गा के पाँव को पखारकर विधिवत् पूजन-अर्चन करके यथाशक्ति दक्षिणा प्रदान किया । उन्होंने अपने सम्बोधन में रामलीला पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम में सम्मिलित शिक्षिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि रावण का वध अधर्म पर धर्म की जीत का प्रमाण है तथा राम, सीता एवं लक्ष्मण के चरित्र अपने जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए ।
कार्यक्रम का समापन विद्यालय की प्रधानाचार्या के संबोधन से हुआ । उन्होंने अपने संबोधन में सीता और शूर्पणखा के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि जो भी स्त्री अपने माता-पिता तथा पति के अनुकूल चलती है, वह पूजनीया होती है तथा जो शूर्पणखा के समान सामाजिक मान्यता के विरुद्ध कार्य करती है, वह सदैव समाज में अपमानित व अनादर का पात्र बनती है ।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मधु सिंह, अर्पिता सिंह, स्वाती श्रीवास्तव, प्रीति अस्थाना, संध्या तिवारी आदि शिक्षिकाओं ने अपना अपूर्व योगदान दिया । इस अवसर पर तन्मय पाण्डेय, राजमणि, अरुण भट्ट, अरुण चौधरी, रमाकांत द्विवेदी, तपन घोष, गौरव शर्मा, तैयब हुसैन, इत्यादि विद्यालय परिवार के सभी सदस्य मौजूद रहे ।
