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शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी से सुधरेगी व्यवस्था

हरियाणा में विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण शुरू

शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी को मिलेगा बढ़ावा




 हरियाणा में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत विद्यार्थियों के समग्र विकास और स्कूलों में बेहतर वातावरण बनाने हेतु अभिभावकों की सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय प्रबंधन समिति (एस.एम.सी.) के सदस्यों का दूसरा और तीसरा त्रैमासिक प्रशिक्षण 30 सितंबर से 28 अक्टूबर 2024 तक आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण हरियाणा के 14,219 प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में एस.एम.सी. सदस्यों के अधिकारों और कर्तव्यों पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी।
यह विद्यालय प्रबंधन समिति प्रशिक्षण श्री जितेन्द्र कुमार (आई.ए.एस.), राज्य परियोजना निदेशक, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद (एच.एस.एस.पी.पी.) के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। एच.एस.एस.पी.पी. की साइंस को-ऑर्डिनेटर श्रीमती सोनाली वोहरा के प्रयासों से सामर्थ्य एवं अनुभूति संस्था इस प्रशिक्षण सत्र का अलग-अलग स्तर पर सफलतापूर्वक संचालन करने के लिए कार्यरत है।
ज्ञात रहे कि मई 2024 में पंचकुला में 119 मेंटर ट्रेनर्स और 22 ए.पी.सी. को प्रशिक्षित किया गया था, जिनके माध्यम से हर ब्लॉक में सभी ब्लॉक संसाधन व्यक्ति और सहायक ब्लॉक संसाधन व्यक्ति को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। यह ट्रेनर राज्य के 14,219 प्राथमिक और उच्च विद्यालयों में एस.एम.सी. के सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य एस.एम.सी. सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें विद्यालय की शैक्षिक प्रक्रियाओं में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है।
एस.एम.सी. के सदस्यों के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य है, जो हर दो वर्षों में गठित की जाने वाली समितियों के लिए  आयोजित होता है। नई विद्यालय प्रबंधन समितियों (एस.एम.सी.), जो जुलाई 2023 में गठित हुई थीं, के सदस्यों के दूसरे वर्ष में दक्षता बढ़ाने के लिए यह प्रशिक्षण अत्यधिक महत्वपूर्ण है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एस.एम.सी. सदस्यों को उनकी भूमिका के प्रति जागरूक और समर्पित करना है। एस.एम.सी. की सक्रियता से विद्यालयों में माता-पिता की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों के सीखने के परिणामों में भी सुधार आएगा, जो अंततः शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करेगा।
ब्लॉक स्तर पर 8 से 17 अगस्त, 2024 के बीच प्रदेश भर से 119 मेंटर ट्रेनर्स ने 320 बी.आर.पी. और 998 ए.बी.आर.सी. को प्रशिक्षित किया, जो फिर विद्यालय स्तर पर एस.एम.सी. सदस्यों के लिए, प्रशिक्षण का संचालन करेंगे। ब्लाक स्तरीय प्रशिक्षण की गुणवत्ता को शुनिश्चित करने के लिए 84 जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों द्वारा भी ट्रेनिंग में भाग लिया।
ए. पी. सी. अंबाला हरजिंदर सिंह ने प्रशिक्षण पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “इस प्रशिक्षण से एस.एम.सी. की भूमिका, विद्यांजलि पोर्टल का उपयोग, छात्रों के सीखने के परिणामों में सुधार के प्रयास, लिंग समानता और एस.एम.सी. बैठकों को अधिक सक्रिय बनाने पर सहयोग मिलेगा।” 
ए.बी.आर.सी. यमुना नगर, गुरविंदर कौर ने कहा कि “प्रशिक्षण को व्यक्तिगत बनाना बहुत महत्वपूर्ण है। इससे अभ्यर्थियों को यह महसूस होता है कि वे जो सीख रहे हैं वह उनके काम के लिए महत्वपूर्ण है। और प्रशिक्षण के दौरान और बाद में फीडबैक देना और लेना, और मूल्यांकन के माध्यम से प्रशिक्षण के परिणामों को मापना आवश्यक है। इससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है और यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि प्रतिभागी ने आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त कर लिया है।

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