सहारनपुर के एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने निलम्बित चल रहे इंस्पेक्टर नरेश कुमार पर मुकदमा दर्ज कराया है। अपने पद का दुरुपयोग करने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में केस दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर ने पूर्व हाजी इकबाल की बेनामी 49 बीघा जमीन अपनी पत्नी और परिचित के नाम कराई थी, जिसकी प्राथमिक जांच में दोषी पाए गए।
इंस्पेक्टर ने पत्नी और परिचित के नाम कराई थी जमीन 2023 में थाना मिर्जापुर के इंस्पेक्टर नरेश कुमार थे। तैनाती के दौरान ही इंस्पेक्टर के संपर्क में पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के परिचित इरशाद रावत और महबूब आए थे। उन्होंने फरार चल रहे पूर्व एमएलसी की बेनामी संपत्ति की जानकारी दी। जिसके बाद इंस्पेक्टर के मन में लालच आ गया कि हाजी इकबाल तो फरार है। उसके बेटे और भाई जेल में है और पत्नी भी सामने नहीं आ रही। इंस्पेक्टर ने जमीन को हड़पने का प्लान बनाया।
आरोप है कि इरशाद रावत और महबूब के माध्यम से श्रवण एवं रोशन लाल के नाम हाजी इकबाल की बेनामी 49 बीघा जमीन को इंस्पेक्टर ने अपनी पत्नी राजरानी और एक परिचत विजय कुमार के नाम करा लिया था। तत्कालीन एसएसपी डॉ. विपिन ताडा के सामने जब ये मामला आया तो इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर जांच एसपी देहात सागर जैन को सौंप दी गई थी।
खाते में पैसा डालने के बाद दूसरे खाते में करा ली रकम रोशन लाल ने आरोप लगाया था कि दोनों जमीनों के बैनामे के 15 लाख रुपए उसके खाते में डालने बाद इंस्पेक्टर ने उससे जबरन किसी अन्य खाते में पैसा ट्रांसफर करा लिया। एसपी देहात सागर जैन ने जब जांच की तो रिपोर्ट एसएसपी रोहित सजवाण को सौंपी। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि बैंक खातों से धनराशि का आदान-प्रदान हुआ है, और आरोप सही है।
जांच में सामने आया कि यह संपत्ति पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल की बेनामी संपत्ति है। जांच में दोषी पाए जाने पर एसएसपी के आदेश पर निलंबित इंस्पेक्टर नरेश कुमार के खिलाफ थाना सदर बाजार में भ्रष्टाचार निवारण प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।