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10 लाख में हुआ रिश्तों का सौदा,जानिये पूरी कहानी

 10 लाख की सुपारी और हो गया रिश्तो का कत्ल;सगे भाई ने बहन का करवाया कत्ल::



हमीरपुर जिले में चलती कार में महिला की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। हत्यारा महिला का सगा भाई है। उसने बहन-बहनोई और उनके पूरे परिवार को मारने की साजिश रची थी। इसके लिए उसने 10 लाख रुपए की सुपारी दी थी। आरोपी बहन से नफरत करता था।नफरत की वजह उसकी मर्जी के खिलाफ शादी थी। बहन ने 2009 में अपने भाई के साले से शादी कर ली थी। इस बात से आरोपी अपमानित महसूस कर रहा था। 15 साल से वह बहन को मारने का प्लान बना रहा था। जरिया पुलिस ने गोहांड से मुख्य आरोपी और एक अन्य को गिरफ्तार किया है।

चलती कार में की थी पूरे परिवार को मारने की कोशिश ये घटना

 22 सितंबर की है। पुलिस ने 15 दिन बाद बुधवार को खुलासा किया है। कानपुर देहात की रहने वाली मीनू उर्फ अमन यादव को पड़ोसी किराएदार चित्रकूट दर्शन कराने के बहाने कार से साथ लेकर जा रहा था। अमन के साथ उसका पति सूरज और 2 बच्चे भी थे। हमीरपुर के राठ में पड़ोसी ने हमला कर दिया था। पति ने तो गाड़ी से कूद कर जान बचा ली। लेकिन, आरोपियों ने अमन को जान से मार दिया था।वहीं, उसके दो बच्चों को मरा समझकर रास्ते में फेंक कर फरार हो गए थे। पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी और सगे भाई धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। सूरज सिंह आरोपी धर्मेंद्र का साला है, मीना ने दूसरी शादी उससे की थी।

साजिश के तहत दिया पूरे घटनाक्रम को अंजाम

दूसरी शादी करके बहन चली गई थी गुजरात

एसपी दीक्षा शर्मा ने बताया, मीना का मायका कानपुर देहात में था। उसकी ससुराल जालौन में थी। मीना की शादी 2002 में लल्लू नाम के व्यक्ति से हुई थी। जबकि मीना के भाई धर्मेंद्र की शादी 2007 में हुई। शादी के बाद धर्मेंद्र के साले सूरज का घर में आना जाना बढ़ गया था।सूरज और मीना के बीच नजदीकियां भी बढ़ गईं। दोनों में प्रेम प्रसंग हुआ और दोनों घर छोड़कर फरार हो गए। काफी समय ये लोग गुजरात में रहे। दो बच्चे हुए-शिव (10) और बेटी परी (2.5)। फिर ये लोग कानपुर वापस आ गए। वहां एक किराए के मकान में रहने लगे। मीना कभी-कभी कानपुर देहात में अपने मायके भी जाया करती थी। मीना का मायके आना उसके भाई को अच्छा नहीं लगता था।

चतुर सिंह को भाई ने बहन का पड़ोसी बनने के लिए भेजा

 भाई धर्मेंद्र ने साजिश के तहत अपने एक जानने वाले चतुर सिंह को बहन के घर के पड़ोस में रहने के लिए भेज दिया। चतुर सिंह ने धीरे-धीरे मीना के परिवार से करीबी बना ली। उसने सभी का विश्वास जीत लिया। चतुर सिंह ने सूरज से पूरे परिवार के साथ चित्रकूट दर्शन करने जाने के लिए बोला, जिस पर पूरा परिवार राजी हो गया। चतुर सिंह ने प्लान के हिसाब से अपने अन्य साथियों को पूरी जानकारी दी।चतुर सिंह सूरज के परिवार के साथ 21 सिंतबर को कार से चित्रकूट जाने के लिए निकल गया। वो वीर सिंह नाम के युवक को अपना साढू बताकर कार में बैठा लिया। उसके बाद जगमोहन नाम के युवक को फूफा बताकर कार में बैठा लिया। ये सभी लोग हमीरपुर के राठ थाना क्षेत्र पहुंचे ही थे, तभी पीछे बैठे दोनों युवकों ने मीना और उसके पति के गले में कपड़ा डालकर कसने की कोशिश की।

दोनों बच्चों को मरा समझकर फेंक दिया गया था

पति सूरज तो किसी तरह कार से कूद गया, लेकिन मीना की मौत हो गई। दोनों बच्चों का भी इन लोगों ने गला दबा दिया और मरा समझकर कार से फेंक दिया। लेकिन, दोनों बच्चे जिंदा थे, जिन्हें आसपास के लोगों ने देखा। वहीं, सूरज सिंह ने पास के थाने पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी दी थी।

एसपी दीक्षा शर्मा ने बताया, धर्मेन्द्र सिंह और जगमोहन को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। ड्राइवर संजीव को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। चतुर सिंह और वीर सिंह अभी फरार हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।

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