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अपने ही घर मे आचार्य रामचंद्र शुक्ल का हो रहा अपमान

 अगौना में आचार्य शुक्ल की प्रतिमा के सामने से शौचालय हटवाने की मांग

अपने ही घर में उपेक्षित हैं हिन्दी आलोचना के शिखर आचार्य शुक्ल-अर्जुन उपाध्याय



 जिला एकीकरण समिति के सदस्य सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन उपाध्याय ने जिलाधिकारी से मांग किया है कि बहादुरपुर विकास खण्ड के ग्राम पंचायत अगौना में स्थित आचार्य राम चन्द्र शुक्ल पुस्तकालय एवं शोध भवन  में उनकी प्रतिमा के निकट से शौचालय को हटवाया जाय। इसके साथ ही प्रतिमा स्थल तक जाने वाली सड़क का निर्माण कराया जाय।

     प्रेस को जारी विज्ञप्ति के माध्यम से सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन उपाध्याय ने कहा है कि हिन्दी साहित्य के समालोचना विद्या के शिकार आचार्य रामचन्द्र शुक्ल अपने जन्म स्थान अगौना में ही उपेक्षा के शिखर है। तत्कालीन मुख्यमंत्री एवं वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्ष 2001 में आचार्य राम चन्द्र शुक्ल पुस्तकालय एवं शोध भवन का शिलान्यास किया था। तत्कालीन मण्डलायुक्त विनोद शंकर चौबे ने अगौना के विकास और आचार्य राम चन्द्र शुक्ल की स्मृतियों को सहेजने की दिशा में अनेक कार्य किया। दुर्भाग्य से कुछ लोग आचार्य शुक्ल के महत्व को नहीं समझ पा रहे हैं। आचार्य राम चन्द्र शुक्ल पुस्तकालय एवं शोध भवन में उनकी प्रतिमा के निकट  शौचालय बनवा दिया गया। इसे लेकर ग्रामीणों और साहित्यकारों, प्रबुद्ध वर्ग में रोष है। शौचालय का दरवाजा श्री शुक्ल की प्रतिमा के सामने से खुलता है।

     उन्होने मांग किया है कि तत्काल प्रभाव से आचार्य राम चन्द्र शुक्ल पुस्तकालय एवं शोध भवन  में स्थित श्री शुक्ल की प्रतिमा के सामने से शौचालय को अन्यत्र हटवाया जाय। कहा कि आजादी के अमृत काल में आचार्य शुक्ल जैसे विद्वान की प्रतिमा का अपमान अपने ही घर में दुर्भाग्यपूर्ण और चिन्ताजनक है।

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