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सपा के प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात

 



समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के निर्देशानुसार समाजवादी पार्टी का एक 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमण्डल 13 जुलाई 2024 को लंका थाना अंतर्गत नगवां पहुँचा जहाँ दो दिन पूर्व एक छात्रा और मृतक विशाल के बीच सड़क पार करने को लेकर कुछ विवाद हो गया था। कहासुनी के समय ही वहाँ लंका थाने के इंस्पेक्टर अपने सिपाहियों के साथ जा रहे थे। उन्होंने विवाद को सुलझाने के बजाय सिपाहियों द्वारा विशाल की पिटाई करवा दी और हद तो तब हो गयी जब उन्होंने उस छात्रा से भी सार्वजनिक जगह पर पूरे मुहल्ले के सामने थप्पड़ से मरवाया। इस सार्वजनिक अपमान से आहत होकर विशाल ने गंगा नदी में कूद कर आत्महत्या कर लिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मृतक के पिता व शोक संतप्त परिवार से मिलकर उनका हालचाल जाना और घटना के संबंध में मुहल्ले के लोगो से भी जानकारी प्राप्त की। शोकाकुल परिवार को विष्वास दिलाया कि इस संकट की घड़ी में समाजवादी पार्टी उनके साथ है।

    प्रतिनिधिमंडल में  वीरेंद्र सिंह सांसद चंदौली, छोटलाल खरवार सांसद सोनभद्र, लाल बिहारी यादव सदस्य विधान परिषद, आशुतोष सिन्हा सदस्य विधान परिषद, मिठाई लाल भारती राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी, रीबू श्रीवास्तव प्रदेश अध्यक्ष महिला सभा, सुजीत यादव लक्कड़ जिलाध्यक्ष, सत्यप्रकाश सोनकर सोनू राष्ट्रीय महासचिव बाबा साहेब अम्बेडकर वाहिनी, पूनम सोनकर पूर्व विधायक, पूजा यादव पूर्व प्रत्याशी कैंट विधानसभा, डॉ० संजय सोनकर राष्ट्रीय सचिव शिक्षक सभा, अमित सोनकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य व वरुण सिंह पूर्व पार्षद शामिल थे।



    प्रतिनिधिमंडल के अलावा सर्वश्री जिला प्रवक्ता सन्तोष यादव बबलू एडवोकेट, जिलाध्यक्ष छात्र सभा राहुल सोनकर, भीष्म नारायण, सुनील यादव, शिवप्रकाश सिंह सहित सैकड़ों नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

    समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में शामिल सांसद  वीरेंद्र सिंह एवं  छोटेलाल खरवार ने इस घटना की जांच राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से कराने की मांग की। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती तब तक घटना से संबंधित अधिकारियों को थाना क्षेत्र (घटना क्षेत्र) से हटाया जाय। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एमएलसी लाल बिहारी यादव एवं आशुतोष सिन्हा ने कहा कि इस घटना का कारण पुलिस की लापरवाही है।

    प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से मांग कि है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही एवं शासन से दस लाख रु० आर्थिक सहायता मृतक के परिवार को दिया जाय।

                

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