विधायिका से पीड़ित परिवार का मतदान से बहिष्कार
यूपी के फतेहपुर जिले में भाजपा विधायिका से परेशान एक परिवार अपने गांव में धरने बैठ गया है और लोकसभा चुनाओं के बहिस्कार एलान कर दिया है पीड़ित परिवार का आरोप है कि भाजपा की विधायिका ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है और उसे मकान का निर्माण नहीं करने दें रहे है वहीं विधायिका ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए इसे उनके राजनैतिक विरोधियों की शाजिस करार दिया है
विओ - पूरा मामला फतेहपुर शहर के पटेल नगर इलाके का है जहाँ पर भाजपा विधायिका कृष्णा पासवान के निवास से सटे हुए एक भूखंड का बैनामा करवाया था पीड़ित परिवार का आरोप है कि तीन साल पहले जब उन लोगों ने उस भू खंड पर भवन का निर्माण कार्य शुरू करवाया तब विधायिका कृष्णा पासवान और उनके ब्लाक प्रमुख बेटे विकास पासवान ने मकान का निर्माण कार्य रुकवा दिया और किसी न किसी बहाने उन्हें मकान बनाने नहीं दिया जा रहा है विधायिका और उनका ब्लाक प्रमुख बेटा अपने प्रभाव का नाजायज इस्तेमाल करके उनका निर्माण रुकवा देते है और जिले के अधिकारी भी विधायिका के इसारे पर काम कर रहे है इसको लेकर वह कई बार अधिकारियो से मिल चुकी है लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
वहीं इस बारे में किशनपुर सुरक्षित सीट से भाजपा की तीसरी बार विधायक कृष्णा पासवान का कहना उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा किसी भी सदस्य ने प्लाट पर कब्जा नहीं किया है बल्कि आवासीय इलाके में बनाये जा रहे व्यावसायिक भवन का विरोध किया है उनका कहना है उन्होंने इस आशय एक शिकायती पत्र जिलाधिकारी को दिया है जिसमें आवासीय क्षेत्र व्यावसायिक भवन बनाये जाने पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है अगर जिलाधिकारी इस निर्माण को वैध मानकर रोकने का आदेश देती है तो अगर वहां मकान बनाने की अनुमति मिल जाएगी तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी
जिलाधिकारी का निर्णय इस मामले में क्या होगा यह तो लोकसभा चुनावों के बाद पता चल पायेगा लेकिन एक परिवार जिस तरीके से विधायिका के खिलाफ मतदान का बहिष्कार का एलान कर धरने पर बैठ गया है वह जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।