रामनवमी पर 11 पुजारी करेंगे रामलला का श्रंगार और पूजन
रामनवमी के दिन रामलला पीले वस्त्र में श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। रामलला को तैयार करने के लिए 11 पुजारियों की टीम बनाई गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इसकी जिम्मेदारी मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास को दी है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार भव्य मंदिर में रामलला के जन्मोत्सव को मनाया जाएगा। इसके लिए पूरे मंदिर को सजाया जा रहा है। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामनवमी के दिन भगवान के जन्मोत्सव पर विशेष श्रंगार किया जाएगा। सुबह 3:30 बजे मंगल आरती के बाद जलाभिषेक, पंचामृत अभिषेक कराया जाएगा। इसके बाद विशेष चांदी और सोने के वर्क से तैयार किए गए पीले वस्त्र धारण कराए जाएंगे। प्रभु रामलला पांच वर्षीय राज कुमार के रूप में विराजमान हैं इसलिए श्रंगार में सोने के हार और सोने का मुकुट धारण कराया जाएगा। सुबह पांच बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर का कपाट खोल दिया जाएगा। जन्मोत्सव के दिन दोपहर 11:45 बजते ही कपाट बंद कर पुजारियों की टीम रामलला का श्रंगार करेगी। दोपहर 12 बजते ही रामलला के प्राकट्य आरती का आयोजन किया जाएगा। अभी लगभग पांच पुजारी रामलला की सेवा में लगे हैं। अन्य छह पुजारी को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा।