बिजली विभाग इस बार अपने कारनामा को लेकर चर्चा में आया है,दो कमरे का महीने का खर्च 10419 वाट ,
11 लाख चौदह हजार तीन सौ चौवालीस रूपए की वसूली का नोटिस
हाईकोर्ट ने पूछा असेसमेंट किया या नहीं
इलाहाबाद हाईकोर्ट में बिजली विभाग का अजीब कारनामा उजागर हुआ।गाजियाबाद के खोड़ा गांव के मुकेश कुमार यादव के 60 वर्गमीटर में बने दो कमरों के मकान पर विजिलेंस का छापा पड़ा।दो कमरों में 16 सीलिंग फैन,5 कूलर,दो एयर कंडीशनर,250वाट के पांच एल ई डी बल्ब ,दो बड़ा फ्रीजर पर प्रतिमाह 10419 वाट बिजली खर्च पाया गया और 11,14,344 रूपये की वसूली नोटिस जारी कर दी गई।
याचिका की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति वी के बिड़ला तथा न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने बिजली विभाग से पूछा कि असेसमेंट किया गया है या नहीं,तो पश्चिमांचल विद्युत वितरण खण्ड के अधिशासी अभियंता ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गाजियाबाद से जारी वसूली कार्रवाई वापस ले ली।और कोर्ट को इसकी जानकारी दी।कहा कि याचिका पर निर्णय होने तक वसूली कार्रवाई वापस ली जा रही है।
याची अधिवक्ता कमल सिंह यादव ने आपत्ति की और कोर्ट ने बिजली विभाग की भाषा पर असंतोष जताया और कहा कि असेसमेंट किया या नहीं इसकी जानकारी नहीं दी गई है।इसपर बिजली विभाग के अधिवक्ता ने समय मांगा।जिसपर अगली सुनवाई की तिथि 22मार्च तय की गई है।
