विधानसभा चुनाव की गलती को अखिलेश यादव ने सुधारा: लोधी मतदाताओं को लुभाने के लिए अजेंद्र राजपूत को बनाया प्रत्याशी
यूपी की हमीरपुर-महोबा लोकसभा सीट के लिए समाजवादी पार्टी ने अजेंद्र सिंह राजपूत को प्रत्यासी घोषित किया है। अजेंद्र सिंह मूल रूप महोबा जनपद के ग्राम कनकुआ निवासी है। अजेंद्र लोधी (राजपूत) है जो पिछड़ी जाति में आते है। इनके पिता चंद्र नारायण सिंह राजपूत महोबा जिले की चरखारी विधान सभा से विधायक रह चुके है । अजेंद्र सिंह राजपूत को समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधान सभा चुनाव में महोबा जिले की चरखारी विधान सभा सीट से प्रत्याशी बनाया था पर अगले दिन ही उनको बदल कर रामजीवन यादव को सपा का टिकट दे दिया गया था जिससे राजपूत समाज में भारी आक्रोश फैल गया था और लोधी बाहुल्य महोबा जिले की चरखारी विधान सभा और हमीरपुर जिले की राठ विधानसभा और महोबा विधानसभा के सभी राजपूत मतदाताओं ने सपा के खिलाफ वोटिंग कर हमीरपुर और महोबा जिलों की सभी चारो विधान सभा सीटों से सपा का सूपड़ा साफ कर दिया था और भाजपा ने चारो विधान सभा सीटे जीत ली थी ।
हमीरपुर जिले में राजपूत वोटरों की बड़ी तादाद है इस जिले की राठ विधान सभा और महोबा जिले की चरखारी विधान सभा सीटों में राजपूत मतदाता निर्णायक है । समाजवादी पार्टी ने 2022 की गलती को सुधारते हुए इस बार लोकसभा चुनाव में फिर से अजेंद्र सिंह राजपूत को प्रत्यासी घोषित कर लोधी, राजपूत मतदाताओं को लुभाने की कोशिश की है । इस हमीरपुर लोकसभा सीट से 2014 और 2019 में भाजपा के पुष्पेंद्र सिंह चंदेल सांसद है और वो दोनो चुनावों में भारी वोटो से चुनाव जीते है । पिछले लोकसभा चुनाव में 2019 में हमीरपुर लोकसभा सीट से सपा ,बसपा गठबंधन से बीएसपी के दिलीप सिंह चुनाव लडे थे जो भाजपा के पुष्पेंद्र चंदेल से बुरी तरह पराजित हुए थे पर अब दिलीप सिंह खुद भाजपा शामिल हो गए है और टिकट के दावेदार है ।
आपको बता दें कि हमीरपुर महोबा लोकसभा सीट का दायरा तीन जिलों में फैला है यह सीट हमीरपुर , महोबा और बांदा जिले की तिंदवारी विधान सभा को मिला कर बनी है ।अब देखना यह है की भाजपा की मोदी लहर में यह प्रत्यासी कितना दम दिखा सकता है ।