सुल्तानपुर एमपी एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी 16 दिसंबर को तलब, गृह मंत्री को कहा था हत्यारा, हो सकती है 2 साल की सजा।
वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह को बेंगलुरु की पत्रकार वार्ता में हत्यारा कहे जाने के मामले में सुलतानपुर एमपी एमएलए कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को तरफ किया है। 16 दिसंबर की तारीख मुकर्रर करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए कहा गया है। राहुल गांधी के 2018 में आए बयान पर कोऑपरेटिव अध्यक्ष विजय मिश्रा ने परिवाद दाखिल किया था।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। लगभग 5 साल पूर्व अमित शाह जो वर्तमान में गृहमंत्री हैं। उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी । 4 अगस्त 2018 को यह मुकदमा एमपी एमएलए कोर्ट सुलतानपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय में दायर किया गया था। जिसमें भाजपा के तत्कालीन जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने आपत्ति जताई थी। मजिस्ट्रेट योगेश कुमार यादव की कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने के साथ ही फैसला सुरक्षित रख लिया था। जिस पर सोमवार को जिला सत्र न्यायालय सुल्तानपुर की एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश योगेश कुमार यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से 16 दिसंबर को तलब किया है। 2018 को बेंगलुरु में कर्नाटक चुनाव के दौरान यह बयान राहुल गांधी की तरफ से आया था।
राहुल गांधी के बयान से आहत होते हुए यह परिवाद मेरी तरफ से दायर किया गया था। उनके इस बयान से मैं काफी आहत हुआ था।
धारा 500 आईपीसी के तहत साक्ष्य पर्याप्त पाते हुए 16 दिसंबर को राहुल गांधी को तलब किया है। बैंगलोर प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमित शाह जो इस समय राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्हें हत्या का अभियुक्त बताया था। जब सोशल मीडिया, टीवी न्यूज़ चैनल के माध्यम से जानकारी हुई तो बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष तत्कालीन विजय मिश्रा ने परिवाद लाया था। परिवाद में तीन गवाहों का बयान हुआ था। सेशन कोर्ट में राहुल गांधी द्वारा इस आदेश के खिलाफ जाने का प्रावधान है और उन्हें इस पूरे मामले में अधिकतम 2 साल तक की सजा दी जा सकती है।