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हाथरस में घरों पर लिखा है मकान बिकाऊ है,वजह जनकर लोग उठा रहे सवाल

 मंदिर में दलित परिवारों को नही चढ़ाने दी भगवान शिव की कावड़ दर्जन भर दलित परिवारों ने घर के बाहर लिखा यह घर बिकाऊ है।


यूपी के हाथरस में एक बार फिर दलित परिवारों के ऊपर कहर बरपाया। दलितों कहना है कि साहब,हमारे गांव में ही शिव मंदिर है। भगवान तो सबके होते हैं। भगवान ने हमें बनाया है। अब गांव के दबंग कहते हैं कि तुम्हारी औकात नहीं है कि मंदिर में पूजा कर सको। बताइए हम क्या करें। पुलिस भी नहीं सुनती। या तो हमारे लिए अलग मंदिर बनवा दीजिए या फिर जो मंदिर बना है, उसमें पूजा करने की अनुमति दिला दीजिए।'' ऐसा हाथरस के मुरसान थाना क्षेत्र के गदाई गांव में रहने वाले दलित परिवारों का कहना है। गांव के दबंगों से परेशान एक या दो नहीं, बल्कि 10 से ज्यादा दलित परिवारों ने अपने घर बेचने की तैयारी कर ली है। इसके लिए उन्होंने अपने घर पर *''यह मकान बिकाऊ है''* लिखवा दिया है।

इसके बाद पूरा मामला जानने के लिए टीम पीड़ितों के गांव पहुंची। यहां हमें क्या कुछ पता चला चलिए सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं...जिला मुख्यालय से करीब 18 किलोमीटर दूर गदाई गांव है। यहां के अनुसूचित जाति दिवाकर समाज के करीब 40 लोग मंगलवार को SP ऑफिस पहुंचे। इनमें पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल रहीं। इन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि गदाई गांव में जाट बिरादरी के कुछ लोगों ने उन्हें मंदिर पर भगवान शिव की कांवड़ चढ़ाने से रोक दिया। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। तो पुलिस मौके पर आई और कांवड़ चढ़ाने दी।उस समय तो वो लोग शांत हो गए। उसके बाद दबंगों ने उनके घरों पर हमला कर दिया। दलितों को जातिसूचक गालियां दी और मारपीट की। पीड़ितों ने कहा कि वह मुरसान थाने भी गए लेकिन वहां भी कोई उनकी सुनवाई नहीं हुई। इन लोगों ने दबंगों से अपने आप को खतरा बताया है। इसके साथ ही गांव से पलायन करने की तैयारी भी कर ली है।SP को दी लिखित शिकायत में पीड़ितों ने भोला और कान्हा के अलावा गांव के 7 और लोगों को नामजद किया है। SP ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


पूरे मामले के बाद हम पीड़ितों के गांव पहुंचे। यहां 10 से ज्यादा घरों के बाहर *''यह मकान बिकाऊ है''* लिखा गया है। जिनमें बच्चों-महिलाओं और बुजुर्गों को मिलाकर करीब 80 से ज्यादा लोग रहते हैं। पीड़ित दिवाकर (धोबी) बिरादरी के हैं। इनके 35 से ज्यादा परिवार इस इलाके में रहते हैं। जब हम यहां पहुंचे तो पीड़ितों ने पहले हमें शिव मंदिर जाने की रास्ता दिखाई। हमने मंदिर के दर्शन किए और वापस पीड़ितों के पास पहुंचे। पीड़ितों ने एक-एक कर हमसे बात की गदाई गांव का गौरव के घर के मुख्य दरवाजे के ठीक बगल में *'मकान बिकाऊ है'* की सूचना लिखी हुई थी। गौरव से पूछा कि ऐसा क्यों लिखा गया है? इसपर उसने कहा, ''गांव के दबंग लोग हमें जीने नहीं दे रहे। वो पूजा करने के लिए मना करते हैं। वो कहते हैं कि तुम लोग अभी इतना ऊपर नहीं उठे हो कि गांव के मंदिर में पूजा कर सको। बताइए हम क्या करें। घर नहीं छोड़े, तो फिर और क्या करें।''गांव के पीड़ितों ने हमें घटना वाले दिन की बात बताई। इन्होंने कहा कि सोमवार को हमारे घर-परिवार के लड़के भगवान शिव की कांवड़ लेकर आए थे। सभी गांव के महादेव मंदिर में पहुंचे। यहां जल चढ़ाने लगे, तो जाट बिरादरी के दबंग पहुंच गए और सभी को मना करने लगे। इसके बाद पुलिस आई और कंप्रोमाइज करा दिया गया। डाक कांवड़ियों ने जल चढ़ाया और सभी लोग अपने-अपने घर को चले गए।सभी को जान से मारने की धमकी दी गई''।




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