साइबर ठग गिरोह का चीन कनेक्शन
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने साइबर ठग गिरोह चलने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जिनका कनेक्शन देश के विभिन्न राज्यों सहित चीन और संयुक्त अरब अमीरात से होनी के सबूत भी पुलिस को मिले है। जिसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस अब इस मामले में एटीएस की मदद लेने जा रही है।
दरसअल मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस और साइबर सेल की टीम में मुखबिर की सूचना पर गुरुवार को नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित बुढ़ाना मोड़ से तीन अभियुक्त मोहसिन, सद्दाम और मोहम्मद फिरोज को गिरफ्तार किया है बताया जा रहा है कि ये तीनों अभियुक्त आपस में रिश्तेदार है और ये लोग साइबर ठग गिरोह को चलकर सिम बॉक्स की मदद से भोले भाले लोगों के साथ ठगी किया करते थे। जिनके पास से पुलिस ने बड़ी तादाद में सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, सिम बॉक्स, मोबाइल, वाई-फाई रूटर और लैपटॉप आदि सामान बरामद किया है।
आलाधिकारियों की माने तो ये शातिर साइबर ठग गिरोह भोले भाले लोगों से फ्रॉड कर एक विशेष सॉफ्टवेयर से डॉलर को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से इंडियन करेंसी में चेंज किया करते थे पुलिस को इन अभियुक्त के पास से मिले कुछ मोबाइल फोन चाइनीस गर्ल्स की डीपी लगी मिली है जिनके द्वारा इनको डायरेक्शन भी दिए जा रहे थे। पुलिस का कहना है कि देश के विभिन्न राज्य दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित चीन और संयुक्त अरब अमीरात देश से भी इस गिरोह के कनेक्शन मिले है। जिसके बाद मुजफ्फरनगर पुलिस अब इस मामले में एटीएस की मदद भी लेने जा रही है।
अब तक की जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने साइबर फ्रॉड कर करोड़ों रुपए की ठगी की है। पुलिस का कहना है कि कुछ और अन्य अभियुक्तों के नाम भी इस गिरोह से जुड़े हुए तब जांच में सामने आए हैं जिन पर अब पुलिस अपना शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
इस बारे में मुजफ्फरनगर एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने अधिक जानकारी देते हुए बताया है कि देखिए मुजफ्फरनगर पुलिस के टीम द्वारा साइबर थाना और एसपी क्राइम तथा उनकी टीम द्वारा एक अभिसूचना मिलने के आधार पर की एक फ्रॉड करने वाला गैंग है जो की सिम बॉक्स के माध्यम से फ्रॉड करता है उसमें तीन सिम बॉक्स पकड़े गए हैं मोबाइल्स पकड़े गए हैं और 40 सिम पकड़े गए हैं एटीएम कार्ड पकड़े गए हैं तमाम और जो यूएसबी केबल वगैरह होता है और सात मोबाइल बरामद किए गए हैं और वाई-फाई राउटर्स बरामद किए गए हैं लाइन केबल बरामद की गई है और पावर एक्सटेंशन बोर्ड पकड़ा गया है लैपटॉप पकड़ा गया है इस प्रकार से यह एक भारी बरामदगी की गई है इस संबंध में तीन लोग पकड़े गए हैं जिनके नाम क्रमशः
मोहसिन
सद्दाम और
मोहम्मद फिरोज
यह मुजफ्फरनगर के तितावी तथा ककरोली और मेरठ मवाना के रहने वाले हैं और जब सूचना मिलती है पुलिस को
जब इनको पकड़ा जाता है इनसे पूछताछ की जाती है इन्होंने यह बताया कि हम जो इंटरनेशनल कॉल्स होती है उनको इन सिम बॉक्स के माध्यम से उसको ट्रांसफर कर देते हैं उसके माध्यम से जो लोकल चार्ज होता है जबकि इंटरनेशनल चार्ज होना चाहिए वो लोकल चार्ज लगता है तथा यह इसी माध्यम से ये विभिन्न प्रकार की इनकम करते हैं एक महत्वपूर्ण बात यह भी है इसमें इन कॉल्स के माध्यम से यह भी नहीं पता चल पाता है कि इनका लोकेशन बाहर से किया जा रहा है या किसी विदेशी धरती से किया जा रहा है या भारत की धरती से किया जा रहा है यह ऐसे कॉल को अपने सिस्टम से चेंज कर देते हैं उसका लोकेशन तो ऐसे में हमें काफी बड़ी सफलता इसमें प्राप्त हुई है इसमें सफलता ओर भी होगी जब इसमें तीन-चार लोग और का कनेक्टड है इसमें है जब वह पकड़े जाएंगे जो इनका गैंग मोबाइल वगैरह जो पकड़ा गया उसमें कुछ चीज ऐसी आई है जो चाइनीस गर्ल्स की डीपी लगी हुई हैं उनके द्वारा इनको डायरेक्शंस दिए जा रहे हैं इस प्रकार से कुछ ऐसी चीज हैं एटीएस को भी इसको रेफर किया है काफी पूछताछ की जाएगी और पूछताछ की भी गई है बाकी इसके जांच के क्रम में और भी जानकारियां इनसे प्राप्त की जा रही हैं पहले जो जानकारी मिली थी महाराष्ट्र से मिली थी जब एक लड़की का न्यूड फोटो को एडिट करके उस फ्रॉड करके पैसे कमाए थे इस लिंक के माध्यम से इनको पकड़ा गया है इस लिंक में कई लोग शामिल हैं जिसको और भी जानकारी करके और भी कारवाइयां इसमें की जाएगी अभी इसमें जो पहले 419 20 धारा थी उसी तरह के धारा 340 336 और 341 और इस प्रकार से जो तार का नियम होता है तार एक्ट के भी मुकदमे इसमें कायम कराए गए हैं तथा इसमें आईटी एक्ट के भी मुकदमे कायम कराए गए हैं इस तरह साइबर थाने पर यह उपलब्धि प्राप्त की है इसलिए मेरे द्वारा इस टीम को ₹20000 का इनाम भी दिया जा रहा है इनकी आपस में रिश्तेदारी अभी हैं जो लड़के पकड़े गए हैं आपस में रिश्तेदार हैं साथ ही साथ इसमें कोई दसवीं पढ़ा है कोई 12वीं पढ़ा है और कोई डिप्लोमा किए हुए हैं और उनके काम जो होते हैं जैसे मोहसिन का काम टेलरिंग का है इसके अलावा एक आदमी कॉन्ट्रेक्टर भी है और बाकी मजदूरी का काम भी करते हैं लेकिन एक दूसरे से कनेक्ट हैं और इस मामले में ज्यादा पैसा कमाने डॉलर में पैसे आते हैं विशेष सॉफ्टवेयर के माध्यम से डॉलर को इंडियन करेंसी में क्रिप्टोकरंसी में चेंज कर लेते हैं देखिए अभी तक की जो जानकारी मिली है इसमें महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली गुजरात उत्तर प्रदेश के हमारे लखनऊ और मुजफ्फरनगर मेरठ से कनेक्शन मिला है और हरियाणा के करनाल से कनेक्शन मिला है बाकी और भी जानकारियां की जा रही हैं विदेश से जैसे संयुक्त अरब अमीरात से भी इसमें कनेक्शन मिले हुए हैं चीन से भी इसमें कनेक्शन नंबर मिले हुए हैं इनकी जांच और तफ्तीश की जा रही है इसमें अब तक जिन लोगों ने फ्रॉड किया है उसके माध्यम से पता चला है कि इसमें 10 लाख रुपए इनके द्वारा कमाई गया है बाकी इसमें करोड़ों में फ्रॉड किया गया है।