व्हाट्सएप पर हथियारों की डील
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने अवैध हथियारों का धंधा करने वाले 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। जिनके पास से पुलिस ने 8 इंडियन मेड पिस्टल, 3 देशी तमंचे, बड़ी संख्या में कारतूस, एक ब्रेजा और एक वेगनआर कार, एक मोटरसाइकिल और 11 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
बताया जा रहा है कि यह गैंग व्हाट्सएप के जरिए अवैध हथियारों की डील कर पश्चिम उत्तर प्रदेश में इन हथियारों को सप्लाई करने का काम किया करता था।
दरसअल शुक्रवार रात खालापार पुलिस को मुखबिर द्वारा सूचना मिली थी कुछ बदमाश शामली बाईपास स्थित पुल के नीचे अवैध हथियारों की सप्लाई करने के लिए इकट्ठा हुए हैं। जिसके चलते पुलिस ने तुरंत घेराबंदी करते हुए मौके पर पहुंचकर अवैध हथियार सप्लाई करने वाले 11 अभियुक्त रॉबिन, रोहित, अभय, विशाल, विशु, करण, कबीर, विवेक, प्रमोद, जितेंद्र और उजेफा को गिरफ़्तार किया है।
जिनके पास से पुलिस ने 8 इंडियन मेड पिस्टल, 3 देशी तमंचे, बड़ी मात्रा में कारतूस, 1 ब्रेजा 1 वेगनआर कार, एक मोटरसाइकिल और 11 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
पुलिस गिरफ़्त में आए इन अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया है कि वह व्हाट्सएप के जरिए हथियारों की डील कर पश्चिम उत्तर प्रदेश में इन्हें सप्लाई करने का काम किया करते थे। जिनकी मुजफ्फरनगर पुलिस को लंबे समय से तलाश थे। बताया ये भी जा रहा है कि इन सभी अभियुक्तों का लंबा चौड़ा आपराधिक इतिहास भी है जिसे पुलिस अब खंगालने में जुट गई है।
जिसके बारे में अधिक जानकारी देते हुए एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि डी आई जी सर के नेतृत्व में थाना खालापार की पुलिस ने एक गुड वर्क किया है कल देर रात एक सटीक इनफॉरमेशन प्राप्त हुई थी की अवैध पिस्तौल और अवैध असलाहों की सप्लाई करने वाले जिसमें कंट्री मेड तमंचे होते हैं इनकी सप्लाई करने वाला एक बड़ा गिरोह जनपद मुजफ्फरनगर के बाईपास पर डील करने के लिए आ रहा है इस सूचना के आधार पर थाना खालापार की पुलिस द्वारा उनके घेराबंदी की गई और मौके से 11 अभियुक्तो को गिरफ्तार किया गया इन 11 अभियुक्तों के पास से आठ कंट्री मेड पिस्टल और तीन तमंचे बरामद किए गए हैं और उनके जो वाहन थे उनको सीज किया गया है इनको भी माल मुकदमाती के तौर पर बरामद किया गया है इन लोगों से प्रारंभिक जो पूछताछ हुई है उसमें यह पता चला है कि यह सरधना जो मेरठ का क्षेत्र है वहां का एक गैंग है यह आसपास के जनपदों में अवैध पिस्तौल और तमंचे सप्लाई करते हैं और कल यह डीलिंग के लिए जनपद मुजफ्फरनगर में की सीमा में आए हुए थे जिस सूचना के आधार पर इनको पकड़ा गया है और इसमें जो अभियुक्त जो पकड़े गए हैं कईयो पर पहले से मुकदमे हैं कुछ अभियुक्तो पर इसमें डकैती के मुकदमे हैं इसमें पांच अभियुक्तों पर जान से मारने की नीयत से फायर करने के मुकदमे हैं और दो अभियुक्तो पर मर्डर के भी मुकदमे हैं यह सब शातिर किस्म के बदमाश है और इन सभी से यह एक मेजर रिकवरी की गई है और जो मेजर रिकवरी करने वाली टीम है उसके लिए डीआईजी सर की तरफ से 15000 रु नगद ईनाम की घोषणा की गई है इस गैंग में कई लड़कों के नाम आए हैं इसमें जो मुख्य रूप से खरीद फरोख्त करने वाले हैं कुछ लोग जो है खरीदने आए थे और कुछ लोग बेचने आए थे जो बेचने वालों में मुख्य अभियुक्त है इसमें विशाल है यह सरधना निवासी है इसके जो साथी हैं विशु और इसके अलावा इसमें कुछ खरीद करने वाले थे और कुछ इसमें बीच में डीलर की भूमिका निभाते हैं और वह मार्केट से ग्राहक ढूंढ कर लाते हैं और फिर उसकी सप्लाई करवाते हैं इसमें एक कबीर का नाम मुख्य आया है इसके अलावा रोहित और रॉबिन नाम के लड़के हैं यह कुल 11 अभियुक्त हैं जिनको कल मौके से गिरफ्तार किया गया है मेरा आप लोगों के माध्यम से सभी क्षेत्रवासियों से जनपद वासियों से यह अपील है कि जो टशन बाजी में या रंगबाजी में किसी भी परिवार का कोई भी लड़का अवैध पिस्टल या तमंचा खरीदता है तो इसमें परिवार वालों को विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है इनके जो परिजन है वो अपने जो बच्चे हैं इनकी सतर्क निगरानी रखें अगर ऐसा कहीं किसी कोई नवयुवक या बच्चा किसी तमंचा या पिस्टल लेकर पाया जाता है तो वह इस चीज को छुपाने की बजाय पुलिस को इन्फॉर्म कर दे अगर वह खुद सरेंडर कर दे तो इसमें आर्म्स एक्ट में प्रावधान है उस पर कानूनी कार्रवाई अलग तरीके से होती है जो कठोर धाराएं हैं उससे यह बच सकते हैं इसको असलाह को सरेन्डर करदे वह ज्यादा बेहतर है लगातार मुजफ्फरनगर पुलिस पहले भी अवैध असलाहों की तस्करी करने वाले या खरीद फरोख्त करने वाले कार्रवाई करती रही है और यह कार्रवाई आगे भी बदस्तूर जारी रहेगी अभी इनके फोन्स को सीज किया गया है उसको भी तस्दीक किया जाएगा इसमें खरीद फरोख्त करने के लिए व्हाट्सएप का इस्तेमाल करते हैं इंस्टाग्राम इत्यादि पर यह असलाहों का प्रदर्शन करते हैं इसके संबंध में अभी डिटेल में पता किया जाएगा जो जो पिछला गैंग पकड़ा गया था उनका भी मोड्सऑफ अपरेंडीस सोशल मीडिया के माध्यम से ही था व्हाट्सएप के माध्यम से यह लोग आपस में डीलिंग करते हैं यह एक नया ट्रेंड है अभी इनका जो व्यावसायिक या बैकग्राउंड है इसके बारे में जानकारी की जा रही है देर रात की करवाई है अभी इनसे सबसे डिटेल में पूछताछ होनी है जो भी इनका बैकग्राउंड है उसके संबंध में अलग से अवगत करा दिया जाएगा।