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श्रीमद्भागवत कथा का हवन व भंडारे के साथ हुआ समापन

भदेश्वरनाथ धाम में चल रही सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा हवन तथा भंडारे के साथ समाप्त



 भद्रेश्वर नाथ मंदिर परिसर में चल रही सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को समापन हो गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने कथा सुनकर आनंद उठाया। श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर हवन यज्ञ और विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहले हवन यज्ञ में आहुति डाली और फिर प्रसाद ग्रहण कर पुण्य कमाया। कथा वाचक पंडित देवस्य मिश्र ने सात दिन तक चली कथा में भक्तों को श्रीमद् भागवत कथा की महिमा बताई। इसके साथ ही सातवें दिन कथा वाचक ने हवन यज्ञ और भंडारे से पूर्व भगवान श्री कृष्ण-रुक्मणी के विवाह का प्रसंग सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मणी का वेश धारण किए बाल कलाकारों पर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर स्वागत कर विवाह के मंगल गीत गाकर नृत्य किया। श्रीमद भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के दौरान कथा सम्राट पंडित देवस्य मिश्र ने श्रद्धालुओं को भगवान श्री कृष्ण की कई लीलाओं के बारे में वर्णन करते हुए कथा के महत्व के बारे में बताया। कथा के दौरान भागवत कथा में सहयोगी के रूप में वैदिक हर्षित शुक्ला तथा अनुराग मिश्रा, मुख्य यजमान हरि श्याम कसौधन तथा मुन्नी देवी,राकेश गिरी,सुजाता गिरी तथा भदेश्वर नाथ मंदिर के अध्यक्ष राजेश गिरी सहित सैकड़ो लोग मौजूद रहे।

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