Type Here to Get Search Results !

अतिक्रमण मुक्त हुआ मंदिर, जानिये पूरी कहानी

 वर्षों बाद अतिक्रमण मुक्त हुआ मंदिर परिसर।




: यूपी के गोंडा जिले में नगर कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा मोहल्ले में स्थित उदासीन अखाड़े की लगभग 300 साल से अधिक पुरानी हनुमान जी की बड़ी संगत मंदिर के जमीन पर कुछ दबंगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करके टीन शेड लगा करके अपने - अपने वाहन खड़े किए जा रहे थे। शिकायत मिलने पर गोंडा डीएम नेहा शर्मा द्वारा अधिकारियों को अवैध अतिक्रमण हटवा करके अवैध कब्जा मुक्त करवाने के निर्देश दिए गए थे। जिला प्रशासन द्वारा डीएम नेहा शर्मा की मौजूदगी में बुलडोजर के माध्यम से कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जा हटवा करके मंदिर को अवैध कब्जा मुक्त कराया गया। डीएम नेहा शर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ मंदिर का निरीक्षण कर अधिकारियों को साफ सफाई करवाने के साथ अतिक्रमण हटाने के लिए व्यापक अभियान चलाने के भी सख्त निर्देश है। इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण, हनुमान जी और भगवान शंकर की प्रतिमा मौजूद है। जहां लगभग 500 सालों से लोगों द्वारा पूजा अर्चना यहां पर की जाती है। बीते काफी दिनों से इमामबाड़ा मोहल्ले के रहने वाले लोगों द्वारा अवैध तरीके से बड़ी संगत की मंदिर की जमीन पर अपने वाहन खड़े करके टीन शेड लगा करके अवैध रूप से कब्जा किए हुए थे और मंदिर के आसपास काफी गंदगी भी फैली हुई थी जिसको लेकर के मंदिर के पुजारी द्वारा डीएम नेहा शर्मा से मिलकर के पूरे मामले में कार्यवाही की मांग की गई थी। डीएम ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि दोबारा मंदिर परिसर के जमीन पर किसी भी प्रकार का कोई कब्जा न कर पाए। अगर कोई दोबारा अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास भी करता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।


 बड़ी संगत मंदिर के मुख्य पुजारी महंत रामजी दास ने बताया कि मंदिर परिसर की जमीन पर 3 वर्षों से ज्यादा समय से दबंगों द्वारा टीन शेड लगाकर अवैध कब्जा किया गया था। जिसमें दबंगों द्वारा जबरन गाड़ियां खड़ी की जाती थी। इसके अलावा मंदिर के मुख्य गेट पर कूड़ा डालकर उसे बंद करने का प्रयास किया गया था और इसी कारण से मंदिर का मुख्य द्वार पिछले तीन वर्षों से नहीं खुल पा रहा था। इसकी शिकायत उन्होंने 2 महीने पहले गोंडा डीएम से की थी। उन्होंने यह भी बताया कि इसकी शिकायत उन्होंने इससे पहले अन्य सरकारों में भी की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गोंडा डीएम को धन्यवाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी की वजह से ही आज मंदिर परिसर से अवैध कब्जा जाता है। महंत रामजी दास ने मंदिर के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि मंदिर का अस्तित्व तो लगभग 300 वर्षों पुराना है। लेकिन अगर इतिहास की बात की जाए तो वह राजा दशरथ से जुड़ा हुआ है। क्योंकि यहां पर राजा दशरथ की गौशाला हुआ करती थी और कामधेनु गाय का ही प्रसाद दूध के रूप में यहां पर भक्तों को दिया जाता था।


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad