180 साल पुरानी मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर विवाद, मामला पहुंचा हाईकोर्ट
- फतेहपुर जिले के ललौली कस्बे में स्थित 180 साल पुरानी नूरी जामा मस्जिद को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग (PWD) ने मस्जिद को गिराने का फैसला किया है। इस फैसले को मस्जिद कमेटी ने चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है।
मस्जिद कमेटी ने याचिका दायर कर इसे पुरातत्व स्थल घोषित करने और 1958 के अधिनियम के तहत संरक्षित करने की मांग की है। याचिका पर 6 दिसंबर को सुनवाई होनी थी, लेकिन इसे अब 13 दिसंबर के लिए स्थगित कर दिया गया है।
1839 में बनी नूरी जामा मस्जिद स्थानीय समुदाय के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र रही है। मुतवल्ली मोहम्मद मोइन खान के अनुसार, "यहां पहले जंगल हुआ करता था, और इस इलाके में सड़क बाद में बनाई गई। हमारे पास मस्जिद से जुड़े सभी दस्तावेज़ हैं, जो कोर्ट में पेश किए गए हैं।"
मस्जिद कमेटी और स्थानीय समुदाय अब 13 दिसंबर को हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं। समुदाय को उम्मीद है कि मस्जिद को संरक्षित करने के उनके प्रयासों को न्यायालय से समर्थन मिलेगा।