सत्ता कि व्यग्रता इतनी की बहराइच प्रकरण को लेकर हिन्दुओं पर मिथ्या रोपण कर रही है सपा -चन्द्रमणि पाण्डेय
मजहबी एकता का पैगाम देने वाले हिन्दू त्यौहार में पत्थरबाजी करने वालों के प्रकरण में क्यों हो जाते हैं मौन
बहराइच में आदिशक्ति मां दुर्गा के मूर्ति विसर्जन के दौरान एक युवक के बेरहमी से की गई हत्या व उसके विरोध में हुई आगजनी की घटना को लेकर समाजवादी पार्टी द्वारा जिस तरह से पीड़ित पक्ष के मृतक गोपाल मिश्र द्वारा झंडा फहराये जाने को तूल दिया जा रहा है स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी किसी भी हाल में सत्तारूढ़ होने को व्यग्र है यही कारण है कि वो हर मामले का राजनीतीकरण करती है वरन मजहबी एकता का संदेश देने वाले सपा बसपा व कांग्रेस के लोग पत्थरबाजों का पक्ष लेने की जगह उनके कृत्यों की निन्दा करते किन्तु नहीं ये हिंदुस्तान में ही रहकर हिन्दुओं व उनके धार्मिक मान्यताओं के प्रति नफरत फैलाते हैं ये बातें जनपद के चर्चित समाजसेवी व भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामा ने कहीं उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी झण्डा फहराने के पूर्व की घटना को मुंह छिपा रही है जैसे कि पहले पत्थरबाजी नहीं हुई अपितु पहले गोपाल मिश्र नामक युवक ही मुस्लिम घर पर चढ़ कर भगवा ध्वज फहराने लगा और यदि यह मान भी लिया जाये तो क्या समाजवादी पार्टी बतायेगी कि अचानक इतने ईंट व पत्थर के टुकड़े कहा से एकत्रित हुए यदि भगवान फहराने पर युवक को गोलियों से भूना जायज है तो दुर्गा पंडालों में जाकर मूर्ति विखण्डित करने वालों के साथ क्या होना चाहिए सपा नेता अहमद हसन द्वारा यह कहा जाना कि मस्जिद या वर्ग विशेष के घर के सामने डीजे बजाया गया तो बड़ा सवाल यदि हिन्दुस्तान में रहकर आप एक दिन दुर्गा स्तुति या हनुमान चालीसा नहीं सुन सकते फिर हिन्दू आपकी अंजान कैसे सुनेगा ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए दोषियों का बचाव जाति धर्म के आधार पर न हो इस देश का हिन्दू मां दुर्गा को चुनरी ही नहीं मजार पर चादर भी चढ़ाता है व ईद में सेंवइयां भी खाता है कुछ मुस्लिम साथी भी हिन्दू त्यौहार में सहभाग करते हैं और यही हिन्दुस्तान की विशेषता है किन्तु राम मंदिर आंदोलन से ही समाजवादी पार्टी के अन्दर जैसे हिन्दुओं के प्रति नफ़रत घर कर गया है और निहत्थे राम भक्तों पर गोली चलाने की अपनी परम्परा को जायज ठहराती है किन्तु हिन्दू ही नहीं देश के सभी धर्म के लोग इनकी सत्ता की व्याकुलता में दिये जा रहे बयानों को समझ रहे हैं और व कांग्रेस मुक्त भारत की भांति सपा मुक्त प्रदेश का संकल्प मन में ले रहे हैं जिस तरह दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाही व उपद्रवियों के विरुद्ध गिरफ्तारी की कार्यवाही करते हुए पीड़ित परिवार को शवदाह हेतु मनाने का काम सरकार द्वारा किया गया वो प्रशंसनीय है समाजवादी या कांग्रेस आग में घी डालने का काम न करें।
