अब्दुल्लाह आज़म खान के 2 अलग अलग पेन कार्ड के मामले में अभियोजन के साक्षय पूरे होने पर अब्दुल्लाह आज़म व आज़म खान के 313 के बयान हुए दर्ज।
वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा सीतापुर जेल से आज़म खान और हरदोई जेल से अब्दुल्लाह आज़म ने अदालत में दर्ज कराए बयान।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान और उनके पूर्व विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम खान रामपुर की एमपी एमएलए विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा उपस्थित हुए मामला अब्दुल्लाह आजम खान के दो अलग-अलग पैन कार्ड का था जिसमें अभियोजन द्वारा अपने साक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं और अब सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपियों के बयान अदालत में दर्ज कराना थे जो की वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा सीतापुर जेल से मोहम्मद आजम खान और हरदोई जेल से अब्दुल्लाह आजम खान ने अदालत में दर्ज कराए। अदालती कार्रवाई में तेजी से लगता है कि जल्दी ही इस मामले में अदालत फैसला सुनाए देगी।
इस विषय पर वादी पक्ष वकील संदीप सक्सेना ने बताया,, देखिए अब्दुल्लाह आजम खान के जो दो पैन कार्ड वाला मैटर चल रहा है उसकी आज तारीख लगी हुई थी। आज मुलजिम बयान जो 313 सीआरपीसी होता है उसमें यह फाइल लगी हुई थी। आज अब्दुल्लाह आजम खान और आजम खान को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के थ्रू 313 के बयान दर्ज किए गए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर अब्दुल्लाह आजम खान और आजम खान दोनों लोग उपस्थित आए थे माननीय न्यायालय ने उनको प्रश्न पढ़कर सुनाया और उन्होंने उन प्रश्नों का जवाब दिया।
यह पूछे जाने पर की 313 का क्या मतलब होता है? इस पर संदीप सक्सेना ने बताया,, देखिए 313 का प्रोसेस होता है जब अभियोजन के साक्षी समाप्त हो जाते हैं उसके बाद मुलजिम के बयान होते हैं जो मान्य न्यायालय में दर्ज किए जाते हैं तो वह 313 की प्रोसेसिंग कहलाती हैं। यह मामला अब्दुल्लाह आजम खान के जो दो पैन कार्ड है उससे संबंधित मामला था।
यह पूछे जाने पर की इसमें अगली तारीख क्या पड़ी है? इस पर संदीप सक्सेना ने कहा,, देखिए अभी तारीख नियत नहीं की गई है परंतु जो अगली तारीख जो मिलेगी वह सफाई साक्षी में यह फाइल जाएगी। अब मुलजिम को अवसर दिया जाएगा कि वह अगर सफाई साक्षी में कोई सबूत पेश करना चाहते हैं तो कर सकते हैं
यह पूछे जाने पर की यह मामला कब दर्ज हुआ था इस पर संदीप सक्सेना ने बताया,, देखिए यह मामला सिविल लाइन थाने में दर्ज हुआ था और यह 2019 का मुकदमा है इसमें अब्दुल्लाह आजम खान और मोहम्मद आजम खान दोनों आरोपी हैं।
यह पूछे जाने पर की क्या यह मान लिया जाए कि मामला जजमेंट की तरफ है? इस पर संदीप सक्सेना ने बताया,, बिल्कुल क्योंकि 313 हो गई है अब यह सफाई साक्षी में जाएगा देखते हैं कि वह सफाई साक्षी में क्या प्रस्तुत करते हैं उसके बाद यह फाइनल बहस में जाएगा और फिर जजमेंट। यह मामला 420 467 468 120बी में दर्ज हुआ था।