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मुख्तार के पत्र में मचाया तहलका, शुरू हुई बड़ी जांच



मऊ विधायक मुख्तार अंसारी जो कोर्ट में अपनी जान की खतरा होने और खाने में जहर मिलाने का प्रार्थना पत्र दिया जिस पर शासन ने कार्रवाई करते हुए जेलर सहित तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया है आज इस मामले पर गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी से एक कार्यक्रम के दौरान जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने बताया कि आज हम आ रहे थे रास्ते में सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला कि जेलर सहित तीन लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है मुख्तार अंसारी की तरफ से उनके वकील ने कोर्ट में एप्लीकेशन दाखिल किया था कि उनकी जान को खतरा है वर्चुअल पीसी के दौरान भी मुख्तार अंसारी ने कोर्ट में यह बात कही थी और पिछले दो-तीन दिनों से वह नहीं आ पा रहे हैं उनकी जगह पर जेलर खड़े हो रहे हैं और बता रहे हैं कि वह अस्वस्थ हैं इसलिए नहीं आ पा रहे हैं उन्होंने बताया कि उनकी काफी दिनों से हत्या करने की साजिश रची जा रही है और उनके बेटे के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में याचिका का दाखिल किया गया है उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर किसी जेल में शिफ्ट कर मामले का ट्रायल कराया जाए जिसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी हो चुकी है जिसकी डेट भी फिक्स हो चुकी है और सुनवाई चल रही है ऐसे उन लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय से आदेश होने के डर की वजह से इस तरह का खड्यंत्र किया गया हमारा मानना है कि मौत का एक दिन डेट फिक्स है लेकिन शैतान कोशिश तो कर सकता है और लगातार कोशिश हो रही है।


उन्होंने बताया कि बृजेश सिंह के खिलाफ एक मामला कोर्ट में चल रहा है जो 2001 में उसरी कांड हुआ था जिसमें मुख्तार अंसारी गवाह है ऐसे में उन लोगों की हालत खराब है कि मुख्तार अंसारी गवाही करेगा तो इन लोगों को सजा हो जाएगी जिसमें 5 से 6 गवाह का गवाही हो चुका है।।


यह प्रयास सरकार और अपराधियों की मिली भगत से हो रहा है हम लोग कानून के रास्ते जो उनकी सुरक्षा के लिए हो सकता है उसे कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बताया कि बांदा जेल में मुख्तार अंसारी से बात करने की जो सुविधा सप्ताह में 5 दिन है उसके लिए मुख्तार अंसारी फोन कर सकते हैं जिससे हम लोग की बात हो सकती है लेकिन पिछले चार-पांच दिनों से उन्होंने कोई फोन नहीं किया है बल्कि यह मामला आने के बाद उन्होंने खुद जेलर डीएम और अन्य अधिकारियों को फोन किया है।

इधर  जेलर सहित अन्य के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर वह किस नजरिया देखते हैं तो उन्होंने कहा कि जेल की तरफ से पूरे मामले को छुपाने का प्रयास किया गया है कोर्ट के में भी छुपाने का प्रयास किया गया डॉक्टर आए हुए थे कल भी आए हुए थे आज भी आ रहे हैं उन्होंने कहा कि अगर मुख्तार अंसारी का आरोप गलत है तो जेलर का सस्पेंड होना कोई साधारण बात नहीं है ऐसे में प्रथम दृष्टि या सिद्ध करता है कि आप सही है ऐसे में मामला सर्वोच्च न्यायालय में जा रहा है जरूर कोई ना कोई कार्रवाई होगी।

पुरी की पूरी मशीनरी लगी हुई है एक व्यक्ति को समाप्त करने के लिए यह खड्यंत्र है और इसके पहले भी हत्या करने की अनेकों बार कोशिश की गई है कभी बम से उड़ने की कोशिश की गई।


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