मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी के बाहर बेंच डिलीवरी
पीलीभीत में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है जहां पर पीड़ित महिला बच्चों को जन्म देने के लिए जिला अस्पताल पहुंचती है वहां पर 108 एंबुलेंस उसको अस्पताल के एमरजेंसी गेट पर ही छोड़कर भाग जाता है महिला के तेज पीड़ा होने के कारण उसके परिवार वाले उसको सामने बेंच पर ही लिटा देते हैं और इमरजेंसी में जाकर डॉक्टर के सामने गिडगिडाते रहते हैं मगर मौके पर कोई नहीं पहुंचता है बेचारी अबला प्रसव पीढ़ा नहीं झेल पाती है और बच्चे को रोड पर ही जन्म दे देती है।
पीलीभीत जिले के देवपुरा गांव की रहने वाली सुमन कुमारी 25 वर्षीय सुमन कुमारी को तेज प्रसव पीढ़ा होती है घर में मौजूद सास व ससुर कृष्ण पाल अपनी बहू को बेहतर मेडिकल सुविधा दिलाने के लिए जिला अस्पताल लाते हैं 108 एंबुलेंस वाला पीड़िता को लेकर जिला अस्पताल आता है और इमरजेंसी गेट के सामने उसको छोड़कर वापस चला जाता है इसके बाद सुमन को लेकर आने वाले परिवार अपनी बहू को इमरजेंसी गेट के सामने पड़ी बेंच पर ही लिटा देते हैं और डॉक्टर के सामने गिड़गिडाते रहते हैं मगर कोई भी इस पीढ़ी परिवार की नहीं सुनता है इस बीच सुमन को तेज प्रसव पीड़ा होने लगती है सुमन के साथ आई सास आसपास इमरजेंसी के बाहर खड़ी महिलाओं के सामने गिरगाड़ती है उसके बाद आसपास खड़ी महिलाएं भी महिला का दर्द समझते हुए उसकी मदद को पहुंच जाती है सुमन की बेंच पर ही बच्चों को जन्म दे देती है खबर लगने के बाद वहां पर मीडिया कर्मी भी पहुंच जाते हैं और सारी घटना अपने कैमरे में कैद कर लेते हैं इतना होने के बावजूद भी जिला अस्पताल के डॉक्टर के कान पर जूं नहीं रेंगती है और वह मौके पर नहीं पहुंचते हैं ।