डीजीपी तलबी के बाद दुष्कर्मकांड में सुल्तानपुर पुलिस ने चर्चित भगोड़ा इंस्पेक्टर निशूतोमर को दी क्लीन चिट, सीबीआई की तर्ज पर 2000 पेज की चार्जशीट दाखिल।
भगोड़ा इंस्पेक्टर निशू तोमर के चर्चित दुष्कर्म कांड मामले में डेढ़ साल की विवेचना के बाद सीबीआई के तर्ज पर सुल्तानपुर पुलिस ने 2000 पेज की चार सीट न्यायालय दाखिल की है। विवेचना में इंस्पेक्टर निशू तोमर पर महिला सिपाही की तरफ से लगे दुष्कर्म के इल्ज़ाम को पुलिस ने सत्य नहीं माना है। मामले में डीजीपी के तलब होने और सुल्तानपुर एसपी सोमेन वर्मा को व्यक्तिगत उपस्थिति करने के हाई कोर्ट के सख्त कदम के बाद यह नया प्रकरण सामने आया है।
सुल्तानपुर के हलियापुर थाने में तैनात रहे चर्चित इंस्पेक्टर निशू तोमर से यह प्रकरण जुड़ा हुआ है। सुल्तानपुर में तैनाती के दौरान वह महिला सिपाही से संपर्क में आए थे। तत्कालीन एसपी विपिन मिश्रा के कार्यकाल से हटते ही महिला सिपाही के तहत पर नगर कोतवाली में 14 जुलाई 2022 को दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में इंस्पेक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वह जिला सत्र न्यायालय पहुंचे थे जहां संदिग्ध परिस्थितियों में वह लापता हो गए थे । हाई कोर्ट में हवियस कॉरपस याचिका दाखिल की गई थी। जिसमें डीजीपी तत्कालीन देवेंद्र सिंह चौहान को तलब करते हुए स्पष्टीकरण हाईकोर्ट ने मांगा था। एसपी सुल्तानपुर सोमेन वर्मा भी व्यक्तिगत रूप से मामले में हाईकोर्ट तलब हो चुके हैं। नगर कोतवाल रहे राम आशीष उपाध्याय और महिला थाना अध्यक्ष मीरा कुशवाहा समेत क्षेत्राधिकार नगर तत्कालीन राघवेंद्र चतुर्वेदी पर पक्षपात का आरोप लगा था जिसके चलते महिला थाना अध्यक्ष मीरा कुशवाहा को सस्पेंड कर दिया गया था। इसी प्रकरण में पुलिस ने नगर कोतवाली में इंस्पेक्टर के खिलाफ भगोड़ा की धाराओं में मुकदमा भी पंजीकृत किया था। बहरहाल चर्चित इंस्पेक्टर निशू तोमर अभी लापता हैं। सीबीआई के तर्ज पर दूसरे सीओ शिवम मिश्रा की तरफ से 2000 पेज का आरोप पत्र न्यायालय दाखिल किया गया है । जिसमें दुष्कर्म के इल्जाम को सही नहीं पाया गया है और इंस्पेक्टर को राहत दी गई है।
