राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है, जरूर जाएंगे, बन रहा है तो कुछ लोगों को बुरा लग है: ओम प्रकाश राजभर
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि वे देश और प्रदेश की जनता से कहना चाहते हैं कि आप राहुल को भी देख चुके हैं. कांग्रेस को भी देख चुके हैं. सपा और बसपा को भी देख चुके हैं. देश और प्रदेश में जो काम जो रहा है, वो पूर्व की सरकार में नहीं हो सका. महिला आरक्षण बिल पास हो गया और लागू होने जा रहा है. उसी तरह मंदिर की बात उन्होंने की, वे लोग नहीं कर पाए. आज बन रहा है तो कुछ लोगों को बुरा भी लग रहा है. क्यों बन रहा है, नहीं बनना चाहिए. देश विभिन्नताओं का देश है, कोई न कोई तो नाराज होता रहेगा.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर रविवार को गोरखपुर के मियां साहब हाई स्कूल के प्रांगण में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 'गुलामी छोड़ो समाज जोड़ो' कार्यक्रम में सम्मिलित हुए.
उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना ला दी और इम्प्लीमेंट कर दिया, तो जनप्रतिनिधियों का काम है कि इन योजनाओं को जनता के बीच तक लेकर जाएं.
ओपी राजभर ने इंडिया एलायंस में मायावती और अखिलेश के बीच खींचतान के सवाल पर कहा कि अखिलेश को किसी पर भरोसा ही नहीं है. बसपा के साथ दो बार गठबंधन किए. दो बार काँग्रेस, दो बार लोकदल, एक बार निषाद पार्टी, एक बार भारतीय समाज पार्टी के साथ गठबंधन किए. उनकी खुद किसी से नहीं पटती है दूसरे को क्या कहेंगे।
इस सवाल कि मायावती कहती हैं कि अखिलेश दलित विरोधी हैं. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्होंने सही कहा है. प्रमोशन में आरक्षण किसने खत्म किया. सपा के लोगों ने खत्म किया. तमाम अनुसूचित जाति के महापुरुषों के नाम पर गरीबों के विकास के लिए योजनाएं बनाई गईं. उन योजनाओं को सपा ने खत्म किया? समाजवादी पार्टी ने खत्म किया. इसलिए मायावती जी जो कहती हैं, वो सही कहती हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि 22 जनवरी को अयोध्या में भव्य राम मंदिर के उद्घाटन और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का आमन्त्रण मिला है. वे लोग भी चलेंगे. राहुल गांधी और अखिलेश क्या लग रहा है, आएंगे? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये उनका विषय है. वे मानते हैं, तो आना चाहिए. नहीं मानते हैं, तो उनका विषय है.
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि जो देश में वंचित शोषित लोग हैं उनको 'गुलामी छोड़ो और समाज जोड़ो' का नारा दिए हैं. जो देश और प्रदेश में योजनाएं बन रही हैं, उनका लाभ जनता तक पहुंचे, उसके संबंध में गांव-गांव में चौपाल लगाते हैं. जब चौपाल का काम पूरा होता है, तब सबको एक जगह इकट्ठा करके उनको बताते हैं कि देश में बेरोजगारी चरम पर है. आज देश में रोजगारपरक शिक्षा की आवश्यकता है.कलम, घड़ी, मोबाइल, रेडियो, ट्रांजिस्टर, फ्रिज, एसी बनाने की रोजगारपरक शिक्षा कक्षा 4 से लागू होनी चाहिए. एक देश एक राशन कार्ड का कानून देश में बन सकता है तो एक समान शिक्षा का कानून भी देश में पास होना चाहिए. दुनिया के तमाम देशों में लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधा निःशुल्क है. इसी तरह भारत मे गरीबों का इलाज फ्री होना चाहिए. इस तरह तमाम योजनाओं को वे लोग जनता के बीच पहुंचाने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार और केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है. 8 माह पहले विधायक निधि से हर विधायक द्वारा गरीबों के इलाज के लिए 25 लाख रुपए अपने क्षेत्र में खर्च करने का कानून पास हुआ है. लेकिन इसकी जानकारी धरातल पर नहीं है. जब जानकारी नहीं है, तो वो कैसे विधायक के पास पैसा लेने के लिए कैसे जाएगा. इन योजनाओं की जानकारी जनता तक हो, तब वो अपने हक के लिए लड़ेगा।