जलेसर में राम मंदिर के लिए तैयार अष्टधातु का 21. कुन्तल का भारी घंटा ,25 लाख रूपये की लागत आई बनाने में,
400 से अधिक कर्मचारी लगे बनाने में ,देशभर के मंदिरों से बडा यह घंटा
पिछले एक साल से अयोध्या के राम मंदिर के लिए तैयार हो रहा घंटा जलेसर के मित्तल फैक्ट्री में घंटा बनकर तैयार हो गया है, 21 कुन्तल का घंटा बनाने के लिए मजदूर दिन और रात कार्य कर रहे थे, अष्टधातु से बने घंटा को अयोध्या ले जाने की तैयारी चल रही हें, 15 दिसम्बर के करीब घंटा अयोध्या के राम मंदिर के लिए जा सकता हैं, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के जलेसर का भी योगदान हैं, घुँघरू घंटी कारोबारी मनोज मित्तल ने बताया तीन माह से इस घंटा पर दिन और रात करके तेजी कार्य चल रहा हैं, 21 कुन्तल के बजन के घंटा में 500 से अधिक कर्मचारी लगे थे, 24. से 25 लाख रूपये में घंटा बनकर तैयार हुआ हैं, घंटा बनने की जानकारी सीएम योगी आदित्यनाथ को भेज दी गई हैं, वैसे ही तारीख आ जाएगी, वैसे ही घंटा पहुंचा दिया जाएगा, राम मंदिर कमेटी के लोग भी संपर्क में है।
घंटे का कुल बजन 2100 किलों
चौढाई 15 फुट घंटे की अन्दर की चौढाई 5 फुट घंटे की आठ फुट बनने का समय लगभग एक साल कर्मचारी 400 से अधिक लागत 25 लाख रूपये।
देशभर के मंदिरों से बडा हैं, राम मंदिर का घंटा मनोज मित्तल और आदित्य मित्तल का दाबा हैं , कि देशभर के मंदिरों में जो भी घंटे लगे हैं, उसमे से सबसे ज्यादा बजन का घंटा हैं, देशभर में घंटा बनकर जलेसर से ही जाते हैं, उज्जैन महाकाल में 700 किलों, जगन्नाथ पुरी 281 किलों कर्नाटक के अयप्पा में 11 कुन्तल, तथा राजस्थान के हनुमान गढ जिले में 700 किलों यह सभी घंटा यही से बनकर यही से गये हैं, साथ ही आदित्य मित्तल व मनोज मित्तल परिवार ने यह भी बताया हैं, कि यह सबसे बडे सौभाग्य की बात हैं,राम मंदिर के लिए निर्माण हमारी फैक्ट्री में हुआ हैं, घंटा बनकर तैयार हो गया जैसे ही तारीख मिलेगी घंटा अयोध्या के राम मंदिर पहुंचा दिया जाएगा।