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मृतक डॉक्टर की पत्नी ने ठुकराया सरकारी मदद,कहा सरकार के वादे झूठे

 पत्नी ने ठुकराई सरकारी मदद : बोली मैं दी गई धनराशि से संतुष्ट नहीं, 10 लाख का चेक लेकर पहुंचे थे अधिकारी


 संविदा चिकित्सक डॉक्टर घनश्याम तिवारी की हत्या के मामले में उनकी पत्नी निशा तिवारी ने सरकार की मदद ठुकरा दी है। प्रशासनिक अधिकारी शासन से आए 10 लाख रुपए का चेक लेकर उन्हें देने पहुंचे थे। जिसे उन्होंने लेने से इनकार कर दिया है। उन्होंने मीडिया में आकर कहा कि प्रशासन द्वारा मुझे 10 लाख का चेक भेजवाया गया था लेकिन मैने उसे एक्सेप्ट नहीं किया। क्योंकि मैं उस धनराशि से संतुष्ट नहीं हूं। 


 निशा तिवारी ने आगे कहा कि जिस समय मेरे पति का शव रखा हुआ था उस समय हमारी सारी मांगों को माना गया था। उस मांग में हमने सरकार से 1 करोड़ की मांग की थी। जिसको सरकार ने एक्सेप्ट करते हुए साइन भी किया था। भाजपा अध्यक्ष, डीएम, विधायक और प्रशासन और शासन के सारे लोगों के सामने स्वीकार किया गया था। अभी तक हुई कार्रवाई से मैं 90 प्रतिशत संतुष्ट नहीं हूं। मेरी मांगे जो मानी जानी चाहिए थी वह बिल्कुल नहीं मानी गई है। 


 उन्होंने आगे कहा बस यह है मुझे चेक प्रदान किया जा रहा है। अभी तक न तो हमारी जॉब की बात की गई है। धनराशि तो देख ही रहे हैं कि कितनी भेजी गई और न तो मेरी सेफ्टी के बारे मे सोचा जा रहा है और न ही अभी तक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।जिसने यह इतना बड़ा जघन्य अपराध किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मैं आग्रह करती हूं कि मेरे साथ निष्पक्ष बरताव करें और निष्पक्ष कार्रवाई हो। 


दिखाने के लिए हुई बुलडोजर की कार्रवाई 


उन्होंने ये भी कहा कि निष्पक्ष कार्रवाई के लिए मैं चाहती हूं कि CBI को बुलाया जाए। बुलडोजर की कार्रवाई जो हुई वह भी सिर्फ दिखाने के लिए हुई। मुझे पता चला कि एक 12 बाई 12 का कार्यालय था जिस पर बुलडोजर चलाया गया है। बाकी उनका कोई नुकसान नहीं किया गया। मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूं।

23 सितंबर को हुई थी हत्या 

फरार आरोपी अजय नारायण ने बीते 23 सितंबर 2023 को रंगदारी के लिए संविदा चिकित्सक घनश्याम तिवारी की नृशंस हत्या की थी। 25 सितंबर को मृतक चिकित्सक की पत्नी ने एसपी को दी दूसरी तहरीर में गिरीश नारायण सिंह व उनके पुत्र भाजयुमो जिलाध्यक्ष चंदन नारायण सिंह के नाम का उल्लेख किया था। पुलिस अधिकारियों ने तहरीर को विवेचना में शामिल करने की बात कही थी जो दस दिन बाद भी अमल में नहीं आ सकी। अजय नारायण पर 50 हजार का इनाम घोषित है और वो फरार है। सीजेएम कोर्ट ने उसके विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी करते हुए कुर्की की नोटिस जारी किया है।

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