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आजम के मुद्दे पर सरकार पर बरसे अखिलेश यादव,कही बड़ी बात

कन्नौज पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दिये बड़े बयान‚ बीजेपी पर साधान निशाना



आजम खाँ के मामले को लेकर बीजेपी पर बरसे अखिलेश

आजम खां साहब के ऊपर इसी तरह का हमला हो रहा है। और बड़ी साजिश की बजह से उनके ऊपर इस तरह से व्यवहार हो रहा है। बीजेपी के नेता और कुछ बाहर से लाये हुए अधिकारी दनके साथ यह साजिश पहले दिन से करते रहे और हो सकता है यह बात मै गलत कहॅूं। हो सकता है लोग मेरे पर टिप्प्णी करें। लेकिन यह भी हो सकता है‚ कि नेता बड़े हैं वो यूनिवर्सिटी बना दीं‚ इसलिए उन्हें यह सजा मिल रही है। आप काम मत करिए बीजेपी की तरह‚ आप काम मत करिए बस नफरत फैलाइये। जहां आपको जाति की नफरत मिल जाये वहां फैालाइये‚ धर्म की नफरत मिल जाये धर्म की फैलाइये‚ तो मुझे तो यह लगता है कि कहीं धर्म के कारण उनके साथ इतना अन्याय न हो रहा हो और सबको यकीन है‚ यह सब जानते हैं। उन पर इसीलिए अन्याय हो रहा है कि उन्होंने यूनिवर्सिटी बना दी और उनका धर्म दूसरा है।


कांग्रेस गठबंधन को लेकर बोले अखिलेश


गठबंधन के सवाल को लेकर अखिलेश ने कहा कि यह तो कांग्रेस को बताना है कि कैसे गठबंधन करना है। परिवारवाद की  अगर किसी ने सबसे पहले चुनाव लड़कर शुरूआत की तो वह योगी जी ने‚ आप बताइये जो योगी जी के पहले थे उनका क्या रिश्ता था‚ तो परिवारवाद तो वहां से शुरू हुआ। तुम यार दूसरे प्रदेश में चले गये‚ अपना नही देखोगे। क्या मुख्यमंत्री जी परिवारवाद की वजह से नही उस कुर्सी पर बैठे और उस मठ पर बैठे। उन्हें तो परिवारवाद का दोहरा लाभ मिला। मठ भी मिल गया ओर कुर्सी भी मिल गयी। दो–दो लाख‚ सोंचिए आप‚ इसलिए बीजेपी का परिवारवाद बहुत लम्बा है। बहुत बड़ा है।


मेरठ में फैक्ट्री धमाका पर साधा बीजेपी पर निशाना


अभी सुनने में आया कि मेरठ की एक फैक्ट्री में आग लग गयी और धमाके हुए वहां‚ जाे रख–रखाव ओर बचाव के लिए बुल्डोजर गया‚ बुल्डोजर भी उड़ गया होता। उड़ गया है तो अच्छी बात है‚ इसे तो उड़ाना ही है बुल्डोजर को और वहां पर सरकार क्या कह रही‚ साबुन की फैक्ट्री थी‚ अरे सैम्पू से कब बिल्डिंगे उड़ने लगी है। साबुन से बिल्डिंग उड़ने लगेगी तो कोई साबुन से नहाएगा ही नही। साबुन में ऐसा केमिकल है जो ऐसी आवाज करेगा या धुआ उड़ा देगा तो कोई नहाएगा ही नही कि बाथरूम से ऐसे धुंआ निकलेगा। सरकार कह रही है कि वह साबुन है‚ साबुन की फैक्ट्री है। आप समझदार लोग हैं पत्रकार साथियों‚ वह साबुन की फैक्ट्री नही थी। वहां पर एम्बुनेशन या कोई ऐसी चीज थी‚ जो किसी न किसी चीज के काम आती‚ और वह किसी और की चीज नही थी। वह बीजेपी के नेताओं की फैक्ट्री थी। रिजलेशन ऐरिया में इनलीगल काम करना। रेजलेशन ऐरिया में एक ऐसी जो बहुत ही केमिकल्स‚ जो खतरनाक है‚ उनका इस्तेमाल होना। आखिरकार इनको किसने एनओसी दी। यह पर्यावरण के एनओसी में पैसे ढूंढ़ रही है ये सरकार। आप पता करिए पर्यावरण के एनओसी सरकार पैसा ढूंढ़ रही है और बीजेपी के नेताओं को एनओसी की जरूरत नही। जिस तरह से 0 टोलरेंस बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को है कि वह किसी को भी पीट सकते है।   



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