उनकी पार्टी के लिए कोई आपत्तिजनक बातें करें तो उसके लिए सजा उनकी पार्टी का कोई आपत्तिजनक बातें करें उसकी आजादी हौसला अफजाई .......संभल सांसद डॉ शफ़ीक़ उर रहमान वर्क
"संसद में अपमानजनक बयान देना अपराध नहीं है, बोलने की पूरी आजादी" सुप्रीम कोर्ट ने संसद में अपमानजनक बयानबाजी को अपराध मानने के प्रस्ताव को ख़ारिज करते हुए कहा इस पर संभल सांसद डॉ शफ़ीक़ उर रहमान वर्क बिखरे सपा सांसद ने कहा कि संसद के अंदर जिस तरह की अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया तो स्पीकर ने अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं की. ऐसे सांसद पर कार्रवाई होनी चाहिए. सड़क और संसद में हुए अपराध के लिए कानून की मनोदशा बदल जायेगी क्या. कानून तो सब के लिए बराबर होना चाहिए. कानून संसद में सांसद द्वारा दिए गए अपमानजनक बयान पर भी लागू होना चाहिए. यह स्पीकर की जिम्मेदारी है कि वह ऐसे सांसद पर कार्रवाई करें लेकिन वह तो अगर उनकी पार्टी के खिलाफ कोई बात होती है तो उसे मामूली बात पर भी संसद से बाहर निकाल कर कार्रवाई कर देते हैं लेकिन इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई. अगर किसी सांसद ने हिन्दू या मुस्लिम का अपमान किया है तो उस पर भी कार्यवाही होनी चाहिए...उनकी पार्टी के लिए कोई आपत्तिजनक बातें करें तो उसके लिए सजा उनकी पार्टी का कोई आपत्तिजनक बातें करें उसकी आजादी हौसला अफजाई
