बलिया के फिरोजपुर में बन रही पुल चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट।
निर्माणाधीन पुल का स्लैब हुआ धराशाई, हालांकि कोई हताहत नहीं।
मौके पर पहुंचे अधिकारी जांच में जुटे, लेकिन बयान अभी तक नहीं मिला।
मौजूद लोग जो पहुंचे हैं उनकी आवाज जरूरी सुनी जा सकती है कि तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है।
वहीं यह भी सुना जा सकता है कि मजदूर को भरोसे ही काम चलता है।
मौके पर पहुंचे सेतु निगम के अधिकारी जांच करते हुए देखा जा सकता है।
नरही थाना क्षेत्र के फिरोजपुर में बन रहा पुल धराशाई हुआ। जहां 8 करोड़ 25 लाख की लागत से बन रहे पुल को बताया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार टू गठन के बाद जीरो टॉलरेंस की बात होती रही है। लेकिन आज भी सरकारी मशीनरी सरकारी धन के दुरुपयोग से बाज नहीं आ रही है।
बता दें कि नरही थाना क्षेत्र के फिरोजपुर में 8 करोड़ 25 लाख की लागत से पुल बन रहा है। जिसका स्लैब गिरने से लोगों में दहशत हो गया। शुक्र यह रहा कि कोई मौके कोई हताहत नहीं हुआ। और ना ही कोई मजदूर वहां था। अन्यथा माहौल कुछ अलग होता। बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने क्षेत्र के नरही और फिरोजपुर में मगई नदी पर दो पुल स्वीकृत कराया था। जिनका निर्माण 2021 से प्रारंभ हुआ था।निर्माणाधीन पुल का स्लैब आज ( सोमवार ) को निर्माण के दौरान ही धराशाई हो गया। जिसके बाद पूरे एरिया में भय व्याप्त हो गया। स्लैब गिरने की सूचना पर सेतु निगम के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुट गए।मीडियाकर्मियों ने जब अधिकारियों से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया।
फिलहाल पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त होने से कई सवाल पैदा हो रहे है जिनका जवाब विभागीय अधिकारी ही दे पाएंगे।
