फूलों में सज रहे बांके बिहारी 108 दिन तक फूल बंगले में विराजमान होंगे बांके बिहारी
वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में शनिवार से फूल बंगले बनने शुरू हो गया है भगवान बांके बिहारी को गर्मी से राहत दिलाने के लिए फूल बंगला बनना शुरू हो गया है। 108 दिन में 216 फूल बंगले बनाए जाएंगे । बांके बिहारी मंदिर में चैत्र एकादशी से फूल बंगला बनना शुरू होता है और सावन से हरियाली अमावस्या तक चलते हैं। गर्मियों में भगवान बांके बिहारी फूल बंगले जिन्हें पुराने समय में लता पताओं से बनी कुंज कहा जाता था विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं । आकर्षण रूप से प्रतिदिन सुबह-शाम भगवान बांके बिहारी जी के लिए अलग-अलग फूल बंगले बनाए जाते हैं देशी विदेशी फूलों से बने बंगले में विराजमान अपने आराध्य के दर्शन के लिए भक्त लालाईत रहते हैं। बांके बिहारी मंदिर में बनने वाले फूल बंगले एक से एक आकर्षण होते हैं फूल बंगले बनाने के लिए कई तरह के फूल लगते हैं ।
देश के साथ विदेशी फूलों का होता है समावेश
यहां छोटे से छोटे फूल बंगले में कम से कम 3000 किलो फूलों का प्रयोग किया जाता है ।जिसमें 600 किलो बेला ,200 किलो गुलाब, 200 किलो कनेर, 500 किलो गेंदा के अलावा 1000 विदेशी फूलों होते हैं। बांके बिहारी मंदिर में बनने वाले एक फूल बंगले के लिए कारीगर प्रतिदिन 6 से 8 घंटे मेहनत करते हैं 40 से ज्यादा कारीगर सुबह के फूल बंगले के लिए रात में और शाम के फूल बंगले के लिए दोपहर में तैयारी करते हैं। इसके बाद बांके बिहारी के लिए फूल बंगला बनकर तैयार होता है। बांके बिहारी जी के बनने वाले फूल बंगलों के लिए प्रतिदिन देश के अलग-अलग शहरों से फूल आता है 30% फूलों की सप्लाई मथुरा वृंदावन से की जाती है तो बाकी फूल दिल्ली कोलकाता बेंगलुरु आदि जगहों से आता है बाहर से आने वाले फूलों में ज्यादातर विदेशी फूल होता है जिसमें रजनीगंधा विदेशी गुलाब गुलदाबरी जैसे फूल होते हैं।