विश्व विख्यात सूफी संत हाजी वारिश अली शाह की दरगाह देवा शरीफ मेला का हुआ आगाज़।
देवा मेला प्रदर्शनी समिति के अध्यक्ष व डीएम सत्येंद्र कुमार झा की धर्मपत्नी डॉ.सुप्रिया कुमारी ने फीता काटकर किया औपचारिक उद्घाटन।
उद्घाटन के बाद डीएम व उनकी धर्म पत्नी ने उड़ाए शांति के प्रतीक सफ़ेद कबूतर।
देश विदेश के लाखों जायरीन हर साल मेला मे आकर करते है जियारत।
हाजी वारिश अली शाह के पिता सैय्यद कुर्बान अली शाह की याद में लगता है 10 दिवसीय मेला।
मेला में लगाए गए तरह-तरह के झूले,मौत का कुंआ और सजी सैकड़ों दुकानें।
मेला में हिन्दू और मुस्लिम समाज के लोग लेते है बढ़ चढ़कर हिस्सा।
जम जम होटल, कश्मीरी चाय, हलवा पराठा के साथ खजला कराते है अलग पहचान।
डीएम ने मीडिया से कहा कि हर साल लगने वाले इस मेला का अलग ही महत्व है और यह कौमी एकता की मिसाल के साथ हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक है।
मेला परिसर मे बनाया है मीडिया क्लब।
देवा मेला मे लगता है पशु बाज़ार जिसमें लाखों रुपए कीमत के घोड़े गधे बिक्री के लिए लाए जाते है।
