विधानसभा खैर पर भाजपा प्रत्याशी ने किए एक तरफा जीत के दावे
पिता की सल्तनत को आगे बढ़ाने के लिए सुरेंद्र दिलेर ने भाजपा से किया नामांकन
भाजपा प्रत्याशी के नामांकन में उमड़ा सैलाब जीत शुरू हुईं चर्चा
विधानसभा खैर में तश्वीरें बदलने को बेताब दिखी भाजपा
अलीगढ़ से विधानसभा खैर में होने वाले उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा
सुरेंद्र दिलेर को अपना प्रत्यासी बनाया है, सुरेंद्र दिलेर के दादा किशन लाल दिलेर भारतीय जनता पार्टी से कई बार सांसद और विधायक रह चुके है,और उनके पिता राजवीर दिलेर भी एक बार के सांसद और विधायक राह चुके है,खैर विधानसभा उपचुनाव में सुरेंद्र दिलेर पर भरोसा जताया है जिसके बाद विधानसभा क्षेत्र का नामांकन करने के बाद सुरेंद्र दिलेर के द्वारा शहर विधानसभा में दादा और पिता की तरह जनता को स्नेह और क्षेत्र मे विकास करने की बात कही है।
वहीं इस दौरान प्रभारी मंत्री अलीगढ़ चौधरी लक्ष्मी नारायण सिंह के द्वारा बताया गया,पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी और लोकदल ये दो ही पार्टी है। ये दोनों एक हो जाए तो फिर कुछ बचता ही नहीं है। खैर, क्षेत्र में पहले लोकदल 10,000 से लेकर 40,000 वोट तक जीतता था। भारतीय जनता पार्टी पिछले चुनाव में ही 80,000 वोट से जीती है। विधानसभा अब दोनों एक हैं। वो बिलकुल जिस तरह से। दूध में पानी मिल जाता है।
और वो दुध हो जाता है। इस तरह से दोनों एक हैं। मिल के मेहनत कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश का रिकॉर्ड बनेगा और खैर विधानसभा का भी रिकॉर्ड बनेगा। 2,00,000 वोट कम से कम मिलेगा हमारे प्रत्याशी को।
परिवार वाद को लेकर उनके द्वारा कहा गया परिवारवाद कहाँ है भाई? ये तो 24 कैरेट सोना है। जिस तरह 24 कैरेट सोने में कोई मिलावट नहीं होती। ऐसे ही भारतीय जनता पार्टी के दिलेर साहब चार बार एमएल ऐ रहे। पांच बार एमपी रहे। उनके पुत्र एक बार एम एल ए और एम पी रहे तपा तपाया कार्यकर्ता परिवार है वो तो जिसमें किसी प्रकार का कोई आज तक दाग ही नहीं लगा। इतनी लंबी राजनीति के बाद तो ऐसे यदि तप तपाये कार्यकर्ता को टिकट दी है तो ये तो खैर क्षेत्र की जनता का सौभाग्य है।और भारतीय जनता पार्टी ने ये दिखा दिया है कि हमारे यहाँ कार्यकर्ताओं की ही कीमत होती है, फाइट ही नहीं, यहाँ तो दूसरी तरफ जो लोग लड़ रहे हैं, आज जनता बड़ी आवाज दे दे के कह रही थी, जिस तरह योगी जी ने।अपराध मुक्त किया है। देखिये अपराधी की कोई जात नहीं होती। अपराधी एक जात होती है, चाहे वो जन्म से किसी भी जाति का हो।