आजम खान के रिजॉर्ट्स पर चला बाबा का बुलडोजर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान की मुश्किलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला उनके रिजॉर्ट से जुड़ा हुआ है, जिला प्रशासन की अगुवाई में उनके हमसफर रिजॉर्ट्स पर सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप था। इसके बाद कब्जा किए गए क्षेत्र को बुलडोजर चलाकर कब्जा मुक्त किए जाने की कार्रवाई की गई है। फिलहाल कई बुलडोजरों के प्रयोग के बाद आजम खान के कब्जे वाली जगह को खाली कर दिया गया है।
उत्तर प्रदेश में सपा शासन काल के दौरान आजम खान मुख्यमंत्री से कम हैसियत नहीं रखते थे हालांकि यह बात अलग है कि संवैधानिक पद के हिसाब से मुख्यमंत्री सरकार का मुखिया होता है लेकिन पूरी कैबिनेट में आजम खान से ज्यादा पावरफुल नेता कोई नहीं था। यही कारण है कि उनके समय में यहां पर विकास के कई महत्वपूर्ण कार्य कराए गए। लेकिन निजी तौर पर आजम खान पर अपनी जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर पब्लिक स्कूल या फिर हमसफर रिजॉर्ट को विस्तृत एवं स्थापित किए जाने के समय कई सरकारी भूमि कब्जाने के आरोप भी कहीं ना कहीं लगते रहे।
प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ और योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली बस यहीं से आजम खान के बुरे वक्त का दौर शुरू हो गया। उनके सत्ता में रहने के दौरान सरकारी जमीनों को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट की सरहदों के अंदर शामिल करने के जो चर्चा होते रहते थे उनकी फाइलें आप धीरे-धीरे खोलने शुरू हो चुकी थी। यही कारण है कि पहले तो जौहर यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद किसानों एवं सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया गया वही रामपुर पब्लिक स्कूल के नाम पर कब्जा की गई इमारत को भी खाली कराया गया। लेकिन अब बारी थी उनके हमसफर रिजॉर्ट्स की, यहां पर पसियापुरा की ग्राम समाज की कूड़ा डालने वाली जमीन को कब्जा मुक्त कराए जाने को लेकर एक्शन लिया गया है।
रामपुर की तहसील सदर अंतर्गत ग्राम पसियापुर में सपा नेता आज़म खान का हमसफर रिजॉर्ट से जहां पर सुबह से ही कब्जा मुक्त कराए जाने की कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अमले के साथ ही भारी पुलिस बल का जमा बड़ा लगना शुरू हो गया था। वहीं दूसरी ओर आजम खान के कई करीबी भी मौके पर पहुंच गए थे। प्रकरण ग्राम समाज की भूमि के गाटा संख्या 164 के 380 वर्ग मीटर के भूखंड का था। प्रशासनिक अवसरों ने पुलिस बल के साथ मिलकर अपनी कमर कसी और देखते ही देखते आजम खान के कब्जे वाली दीवार और इमारत को बुलडोजर चला कर जमी दोष कर दिया गया।
जिलाधिकारी जोगिंदर सिंह के मुताबिक आजम खान के हमसफर रिजॉर्ट परिसर में ग्राम समाज की कूड़ा डालने वाली जमीन को कब्जाया गया था यह मामला पहले तहसीलदार के न्यायालय में चुना गया और फिर इसका फैसला आजम खान के खिलाफ आया बाद में इस फैसले को लेकर उच्च अदालत में अपील दायर की गई जहां पर काफी समय पहले इस अपील को निरस्त किया जा चुका है। फिलहाल कब्जा मुक्त कराए जाने की कार्यवाही की गई और विवादित जमीन को खाली कर लिया गया है।
