हीरालाल रामनिवास स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय में बुधवार को वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दूसरे दिन कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डॉ फ़खरेआलम के संयोजकत्व में "वैश्विक जल संकट: कारण एवं निवारण" विषय पर निबन्ध लेखन की प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। महाविद्यालय के विभिन्न संकायों के 39 छात्र छात्राओं ने हिन्दी व अंग्रेजी भाषा में निबन्ध लेखन कर जल संकट के कारणों पर प्रकाश डाला। निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में निर्णायक प्रो विजय कृष्ण ओझा, प्रो गणेश श्रीवास्तव एवं डॉ अमर सिंह गौतम रहे।
मनोज वर्मा के संयोजन में स्वरचित काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ। स्वरचित काव्य पाठ मुख्यतः तीन विधाओं- लोकगीत, कविता एवं गजल में आयोजित हुआ जिसमें 16 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। सभी ने समाज के ज्वलंत मुद्दों पर कविता, गजल व लोकगीत प्रस्तुत किया। सलोनी ने लोकगीत के माध्यम से महिलाओं की समस्या उठाया तो वही नेहा कुमारी ने अपनी कविता के माध्यम से गरीबी पर सबका ध्यान आकृष्ट किया।
इसी क्रम में विनय सिंह के संयोजकत्व में "भारतीय लोकतंत्र: दशा एवं दिशा" विषय पर वाद- विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें कुल आठ प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें 6 प्रतिभागियों ने पक्ष में व 2 प्रतिभागियों ने विपक्ष में अपने विचार रखे। अम्बेश पाण्डेय, अस्मिता त्रिपाठी, विकास कुमार, निखिल उपाध्याय, जागृति चौरसिया आदि प्रतिभागियों के पक्ष विपक्ष की जोरदार बहस का श्रोताओं ने तालियों से स्वागत किया। वाद-विवाद कार्यक्रम के निर्णायक प्रो दिनेश गुप्ता, पुरुषोत्तम पाण्डेय, प्रदीप कुमार रहे। सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष डॉ अमित कुमार भारती ने सभी प्रतिभागियों को सम्बोधित किया एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में प्रो प्रताप विजय कुमार, प्रो विजय राय, नेहा सिंह, डॉ मनोज मिश्र, दीप्शी सिंह आदि लोग उपस्थित रहे।