किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर बोलते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने बयान देते हुए कहा है कि भारतीय किसान यूनियन एवं अन्य जितने भी संगठन हैं सब इस प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जा रहे हैं क्योंकि सब के सहयोग से ही काम चलेगा ।
नरेश टिकट ने कहा कि सरकार अब किसानों का नाम तो ले रही है लेकिन 2024 के चुनाव में इन्हें किसानों की सुध हुई है।
जयंत चौधरी के बीजेपी में जाने के सवाल पर चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि मैं वह उनकी अपनी अलग सोच है और राजनीति में कुछ भी हो सकता है लेकिन वह सब की सलाह मशवरा लेते जो जिम्मेदार आदमी है जिन्हें उनके साथ में तीन पीढ़ी चौधरी चरण सिंह जी के साथ में चौधरी अजीत सिंह जी के साथ में और जयंत जी के साथ मे जो जिम्मेदार आदमी है उनकी भी सलाह लेनी चाहिए थी।
चुनाव में हमारा कोई रुख नहीं है ना हम किसी भी चुनावी सभा में जाएंगे और ना हम किसी के प्रचार में जाएंगे 2014 में हमने भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया था लेकिन वह हमारे लिए घाटे का सौदा रहा था हम अराजनीतिक ही ठीक हैं हमारी किसी संगठन से कोई दुष्मनागी नहीं है सभी से बातचीत है हम स्वतंत्र हैं हमारे पर किसी का कोई दबाव नहीं है।
चौधरी नरेश टिकैत की माने तो यूनियन की भूमिका तों ठीक है एवं भारतीय किसान यूनियन व अन्य जितने भी संगठन है उसमें सब जा रहे हैं और सब का सहयोग है क्योंकि सब के सहयोग से ही काम चलेगा और इसमें कोई ऐसी बात नहीं है सब संगठन एक है, इसमें मांगे हैं कि जब 13 महीने का आंदोलन चला था तो मुख्य मांग तो एमएसपी की ही है वही अलग-अलग स्टेटस के मांग है क्योंकि संयुक्त मोर्चे की जो एक मांग है वह तो वह पूरे भारत की दिक्कत को लेकर है और पश्चिम उत्तर प्रदेश में गन्ने कों लेकर है कहीं बिजली की दिक्क़त है और मध्य उत्तर प्रदेश में आलू दिक्क़त है वही पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आलू की दिक्कत है साथ ही आवारा पशुओं की दिक्कत है तो समस्या तो सबकी एक ही है, प्रोग्राम तो पूरे भारत में बंद का ही है और उसमें ज्यादा नहीं थोड़ा ही होगा क्योंकि हम नहीं चाहते किसी को ज्यादा कुछ परेशानी हो वही हो सकता है किसी को थोड़ी-बहुत दिक्कत हो लेकिन हम सभी स्कूल टाइम का ध्यान रखेंगे व कोई मिलट्री का हॉस्पिटल हो या कोई सरकारी वाहन हो या कोई मरीज हो तो इन सब की उसमें छूट रहेगी, नहीं अच्छी बात है यह सरकार किसानों का नाम तो ले रही है पर अब 2024 के चुनाव में इन्हें यह सुध हुई की अब किसानो या औरों की सुध ले वहीं पार्टी में थोड़ा फोड़ी भी है एवं गठबंधन की भी बात कर रहे हैं तो सब युहीं रहे व 5 साल इलेक्शन होने के बाद में इस बात का ऐसे ही ध्यान रखे जाएं, नहीं उनकी तो चलो अलग सोच है एवं राजनीति में कुछ भी हो सकता है पर हमें तो बस थोड़ा सा यही मलाल है कि जो जिम्मेदार आदमी है व जिन्हें चौधरी चरण जी, अजीत सिंह जी और जयंत जी के साथ में तीन पीढ़ी हो चुकी तों सबकी सलाह-मशवरा लेते तो और भी अच्छा लगता, नहीं भारत रत्न मिला यह अच्छी बात है और वह किसी एक बिरादरी के नहीं थे और सभी संगठन व सभी पार्टी उनका सम्मान करती है तों
वो इसके हकदार थे और प्रधानमंत्री जी को इस बात के लिए धन्यवाद है कि उन्होंने इस तरह का कदम उठाया है, नहीं नहीं इलेक्शनों में हमारा कोई रुख नहीं है बोलना हम किसी चुनावी सभा में जाएंगे ना हमारा किसी चुनाव प्रचार में सहयोग रहेगा, हाँ हमारा 2014 में भारतीय जनता पार्टी का साथ दिया था तो हमें यह घाटे का सौदा रहा है और कोई फायदा नहीं है तो हम तो अराजनीतिक से ठीक है और किसानो की आवाज उठाते रहेंगे वही सबके साथ में दुआ सलाम रहे और किसी पार्टी या संगठन के साथ में हमारी कोई बिगाड़ या दुश्मनागी नहीं है और अच्छी बात हम कहीं भी कह सकते हैं और हम स्वतंत्र हैं हमारे ऊपर किसी का दबाव नहीं है।
